नरेंद्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

जनसंघ-बीजेपी महाराष्ट्र में सीमित रूप में थे गोपीनाथ मुंडे प्रमोद महाजन के साथ साथ एकनाथ खडसे ने बीजेपी को जनता के बीच स्थापित किया। बीजेपी और खडसे के विचारों में अंतर आया तब हमनें तय किया कि खडसे को जनता की आवाज़ बनाकर विधानसभा भेजा जाना चाहिए। पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे के अमृत महोत्सव कार्यक्रम के मंच से बोल रहे एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने खडसे को नैतिक बल दिया। प्रतिभा पाटील के बाद जनता ने खडसे को कई बार विधानसभा में चुनकर भेजा।

उत्तमराव पाटील और एकनाथ खडसे के भाषणों पर मेरा विशेष ध्यान रहता था। उत्तर महाराष्ट्र के विकास में खडसे का योगदान है वे जन-कल्याण के लिए काम करने वाले नेता हैं। एकनाथ खडसे ने अपने संबोधन में कहा कि जलगांव जिले का आधा इलाका आज भी सूखे की मार झेल रहा है। मेरे मंत्री रहते तापी पाटबंधारे विकास निगम को बनाकर हमने वाघूर डैम बनाया। भागपुर , बोदवड लिफ्ट इरिगेशन का काम शुरू है लेकिन कुऱ्हा योजना का काम बंद है।
टीम देवेन्द्र ने किया किनारा :
एकनाथ खडसे के अमृत महोत्सव के लिए आमंत्रित मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने इस कार्यक्रम से सिरे से किनारा कर लिया। देवेन्द्र फडणवीस के समारोह में नहीं पधारने से टीम देवेन्द्र के सारे मंत्री भी नदारद रहे। एकनाथ खडसे के अमृत महोत्सव की औसतन सफ़लता राष्ट्रवादी कांग्रेस के बड़े नेता ईश्वर बाबूजी जैन के उस दौर को याद दिलाती है जिसमें कार्यकर्ताओ की आप पसंदगी बाबूजी और जनता से बीच कटाव का कारण बनी। जिसका नतीजा यह हुआ कि ईश्वरलाल लालवानी परिवार की महान राजनीतिक विरासत इतिहास में “स्मृतिकण” बनकर रह गई।

