मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:
मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड एवं जिला प्रशासन द्वारा अगस्त माह में तीन दिवसीय तामिया सावन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव का आयोजन 21 से 23 अगस्त 2026 तक होगा। इसका उद्देश्य छिंदवाड़ा जिले में संचालित ग्रामीण होम स्टे को बढ़ावा देने के साथ पर्यटन विकास और स्थानीय पारंपरिक खेलों, लोककला एवं संस्कृति को प्रोत्साहित करना है।
जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के माध्यम से आयोजित होने वाले इस महोत्सव में पर्यटकों के लिए सावन के झूले, आदिवासी कला, हस्तशिल्प एवं हथकरघा से निर्मित वस्तुओं की बिक्री, नेचर फोटोग्राफी प्रतियोगिता सहित कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। पर्यटक पर्यटन ग्राम सावरवानी का शुद्ध देसी घी और पर्यटन ग्राम चोपना का स्वादिष्ट मावा भी खरीद सकेंगे।
सावन महोत्सव को लेकर तामिया को विशेष रूप से सजाया जाएगा। सभी प्रमुख ट्रेकिंग पॉइंट पर सुरक्षा और स्वच्छता की विशेष व्यवस्था की जाएगी। महोत्सव में देश के विभिन्न महानगरों से टूर ऑपरेटर भी शामिल होंगे, जो तामिया एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होम स्टे और पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे।
कलेक्टर हरेंद्र नारायन एवं जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार के मार्गदर्शन में तामिया सावन महोत्सव की तैयारियां व्यापक स्तर पर की जा रही हैं। जिला पुरातत्व, पर्यटन एवं संस्कृति परिषद के नोडल अधिकारी बलराम राजपूत ने बताया कि तीन दिवसीय महोत्सव में स्थानीय नृत्य, लोककला और लोक संगीत को भी शामिल किया जाएगा।
मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से सावन महोत्सव का आयोजन तामिया स्थित प्रसिद्ध पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के पास किया जाएगा। यहां पर्यटकों के खान-पान के लिए विभिन्न स्टॉल लगाए जाएंगे। सावन के पारंपरिक झूलों की व्यवस्था भी रहेगी, जहां पर्यटक झूलों का आनंद ले सकेंगे।
पर्यटकों के लिए वल्चर पॉइंट, चीड़ पॉइंट, छोटा महादेव, ग्वालगढ़ पहाड़ी और तुलतुला पहाड़ सहित विभिन्न पर्यटन स्थलों पर ट्रेकिंग की व्यवस्था की जाएगी। इन स्थानों पर पर्यटक गाइड के साथ ट्रेकिंग कर सकेंगे। साथ ही तामिया ब्लॉक के विभिन्न पर्यटन ग्रामों में संचालित होम स्टे तक पर्यटकों को पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
प्लास्टिक फ्री और जीरो वेस्ट रहेगा महोत्सव
कलेक्टर हरेंद्र नारायन के निर्देशानुसार तामिया सावन महोत्सव को प्लास्टिक फ्री और जीरो वेस्ट बनाने के प्रयास किए जाएंगे। पूरे मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में डस्टबिन लगाए जाएंगे और स्वच्छता बनाए रखने के लिए वॉलेंटियर तैनात रहेंगे। कचरा इधर-उधर फेंकने वालों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान भी किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने सभी पर्यटकों से प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने और महोत्सव स्थल पर स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

