रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी प्रतिदिन निजी बसों से स्कूल-कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों तक आवागमन करते हैं। बढ़ते बस किराए के कारण गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर एनएसयूआई झाबुआ ने विद्यार्थियों को निजी बस किराए में 50 प्रतिशत छूट देने की मांग की है।
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष नरवेश अमलियार के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने आरटीओ को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को प्रतिदिन बसों से आवागमन करना पड़ता है। महंगे किराए के कारण विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
छात्रों को 50 प्रतिशत किराया छूट देने की मांग
एनएसयूआई जिलाध्यक्ष नरवेश अमलियार ने कहा कि विद्यार्थियों को निजी बसों के किराए में 50 प्रतिशत छूट मिलनी चाहिए। यह मांग छात्र हित और शिक्षा से जुड़ी हुई है। उन्होंने शासन-प्रशासन से विद्यार्थियों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द उचित निर्णय लेने की मांग की।
मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
एनएसयूआई ने चेतावनी दी कि यदि विद्यार्थियों की मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन करेगा। संगठन ने कहा कि वह छात्र हित से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार प्रशासन के समक्ष आवाज उठाता रहेगा।
ये पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान एनएसयूआई जिला महामंत्री विनोद गणावा, मॉडल कॉलेज प्रभारी मनोश गुंडिया, छात्र नेता निलेश गणावा, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस प्रभारी दीपक मखोडिया, मॉडल कॉलेज अध्यक्ष कान्तिलाल भूरिया, मुकेश मालीवाड़, आशीष भाबोर, आनंद गुंडिया, अलकेश पारगी, अल्पेश भूरिया, तानसिंह खराड़ी, प्रवीण मुनिया, आशिक दिलीप गुंडिया, अरुण बबेरिया, अंकित हिहोर, शिवराज कनेश, दीपक मेडा, निलेश मेडा, प्रमेश खराड़ी, अनिल, डेनियल डामोर और सुनील डामोर सहित एनएसयूआई कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
रिपोर्ट: रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, पंकज बड़ोला | झाबुआ

