रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:
झाबुआ विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया अपने विधानसभा क्षेत्र के भ्रमण के दौरान कल्याणपुरा में थे। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर हो गई, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही विधायक डॉ. भूरिया ने मानवता का परिचय देते हुए घायलों को अपने वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कल्याणपुरा पहुंचाया। स्वयं चिकित्सक (सर्जन) होने के कारण उन्होंने तत्काल घायलों का प्राथमिक उपचार भी शुरू किया।
दुर्घटना में घायल एक महिला को गंभीर चोटें आई थीं। विधायक ने उसके घावों पर टांके लगाए और आवश्यक उपचार किया। महिला के कंधे की हड्डी टूटने की आशंका के चलते एक्स-रे कराने का प्रयास किया गया, लेकिन अस्पताल में कम वोल्टेज की समस्या के कारण एक्स-रे मशीन चालू नहीं हो सकी।
उपचार के दौरान अस्पताल में टांके लगाने की आवश्यक दवाइयों और अन्य चिकित्सा संसाधनों की कमी भी सामने आई।
विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि अचानक अस्पताल पहुंचने पर वहां की वास्तविक स्थिति देखने को मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है। कल्याणपुरा सहित पूरे जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं तथा स्टाफ और संसाधनों की भारी कमी के कारण आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल केवल कागजों तक सीमित दिखाई देता है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। अस्पताल में डॉक्टरों और अन्य स्टाफ की भी कमी है। एक्स-रे मशीन तो उपलब्ध है, लेकिन कम क्षमता वाले विद्युत ट्रांसफार्मर और कम वोल्टेज के कारण उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है।
विधायक ने बताया कि अस्पताल में आवश्यक दवाइयों का भी अभाव है, जिससे मरीजों को महंगी दवाइयां बाजार से खरीदनी पड़ रही हैं। फार्मासिस्ट नहीं होने से दवा वितरण प्रभावित हो रहा है और ड्रेसर की कमी के कारण ड्रेसिंग कार्य में भी कठिनाई हो रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि कल्याणपुरा में पोस्टमार्टम रूम नहीं होने से दुर्घटना या अन्य कारणों से मृत्यु होने पर परिजनों को पोस्टमार्टम के लिए दूसरे स्थानों पर भटकना पड़ता है।
डॉ. भूरिया ने कहा कि एक ओर सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर मरीजों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं।
विधायक ने जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं को शीघ्र सुचारु रूप से संचालित करने तथा अस्पताल की सभी कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की।

