फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:
लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का हालचाल जानने मेदांता मेडिसिटी अस्पताल पहुंचे भीमसेना प्रमुख एवं संविधान सुरक्षा पार्टी (एसएसपी) सुप्रीमो नवाब सतपाल तंवर को अस्पताल के मुख्य गेट पर ही पुलिस ने रोक दिया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में रोके जाने से नाराज़ तंवर ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “खुली तानाशाही” करार दिया।

मीडिया से बातचीत में तंवर ने कहा कि लोकतांत्रिक देश में किसी बीमार व्यक्ति से मिलने से रोकना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष और सामाजिक कार्यकर्ताओं की आवाज दबा रही है।
तंवर ने 27 जुलाई को भीम सेना और संविधान सुरक्षा पार्टी की ओर से संयुक्त रूप से ‘भारत बंद’ का आह्वान दोहराते हुए दावा किया कि इस आंदोलन को छात्रों, किसानों और मजदूरों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और इग्नू के छात्र भी इस दिन संसद मार्च करेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देते हुए तंवर ने कहा कि “यदि 56 इंच का सीना है तो 27 जुलाई को सड़क पर आकर जनता का सामना करें।” उन्होंने छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
इधर, तंवर को रोके जाने की खबर फैलते ही अस्पताल के बाहर समर्थकों की भीड़ जुटने लगी, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।

