ज़फ़र खान, अकोट/अकोला (महाराष्ट्र), NIT:
अकोला शहर में पुलिस कर्मचारियों का वेतन कई दिनों से रुका होने के कारण कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समय पर वेतन नहीं मिलने से घर-परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो रहा है।
वेतन में देरी का असर बच्चों की शिक्षा पर भी पड़ रहा है। बच्चों के ऑटो का किराया, ट्यूशन फीस तथा स्कूल से जुड़े अन्य खर्चों के साथ-साथ रोजमर्रा के आवागमन के लिए पेट्रोल-डीजल का खर्च उठाना भी पुलिस कर्मचारियों के लिए मुश्किल हो रहा है।
घर-परिवार से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ीं
पुलिस कर्मचारियों के परिवारों में कई लोग हार्ट अटैक, शुगर, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, जिनका समय पर इलाज और दवाइयां उपलब्ध कराना जरूरी होता है। ऐसे में वेतन में देरी के कारण चिकित्सा खर्च जुटाना भी कर्मचारियों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है।
पुलिस कर्मचारी अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से निभाते हुए शहर की कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में समय पर वेतन नहीं मिलने से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा होना चिंता का विषय है।
पुलिस कर्मचारियों की इस परेशानी को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक से मामले में तत्काल उचित कदम उठाकर रुके हुए वेतन का समाधान करने की मांग की जा रही है, ताकि पुलिस कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक परेशानी से राहत मिल सके।
इस संबंध में अब जनता की ओर से भी पुलिस कर्मचारियों की समस्या को लेकर आवाज उठाई जा रही है।

