पीरपैंती का जर्दालु आम दुबई रवाना, महिलाओं की मेहनत ने दिलाई वैश्विक पहचान | New India Times

अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

पीरपैंती का जर्दालु आम दुबई रवाना, महिलाओं की मेहनत ने दिलाई वैश्विक पहचान | New India Times

बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती क्षेत्र से प्रसिद्ध जर्दालु आम की पहली खेप दुबई के लिए रवाना कर दी गई। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ ही स्थानीय किसानों, खासकर ग्रामीण महिलाओं के सपनों को नई उड़ान मिली है। ट्रकों में लदी आम की पेटियों के साथ सैकड़ों महिलाओं की मेहनत, आत्मविश्वास और वर्षों का संघर्ष भी अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार की ओर बढ़ा।
जीआई टैग प्राप्त भागलपुर का जर्दालु आम, जो कभी स्थानीय मंडियों तक सीमित था, अब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई स्थित लुलु मॉल और उसकी चेन मार्केट तक पहुंच गया है। इस उपलब्धि के पीछे पीरपैंती की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और अदाणी फाउंडेशन का सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
निर्माणाधीन पीरपैंती पावर प्रोजेक्ट के आसपास के गांवों में अदाणी फाउंडेशन द्वारा किसानों और महिला समूहों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, ब्रांडिंग और विपणन से जोड़ा गया। एग्रो पॉइंट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड (एफपीओ) के माध्यम से किसानों को गुणवत्ता सुधार, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और निर्यात की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया, जिससे उन्हें अपने उत्पाद का बेहतर मूल्य मिलने लगा।
एफपीओ से जुड़ी महिलाओं ने अब बागवानी तक सीमित रहने के बजाय आम की तुड़ाई, छंटाई, सफाई, गुणवत्ता परीक्षण और पैकेजिंग से लेकर निर्यात तक की जिम्मेदारी संभाल ली है। इससे उनकी आय में वृद्धि के साथ परिवार और समाज में उनकी भागीदारी भी मजबूत हुई है।
एफपीओ सदस्य सुनीता देवी के अनुसार, पहले आम स्थानीय व्यापारियों को कम कीमत पर बेचना पड़ता था, लेकिन अब बेहतर बाजार और प्रशिक्षण के कारण आय में वृद्धि हुई है। वहीं बेबी देवी और मुरली देवी ने इसे गांव की महिलाओं के आत्मविश्वास और पहचान की बड़ी जीत बताया।
दुबई के बाजार तक पहुंचा जर्दालु आम न सिर्फ बिहार की मिठास लेकर गया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण महिलाएं वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। पीरपैंती की यह सफलता अब खेती को परंपरा से आगे बढ़ाकर उद्यमिता का नया मॉडल बना रही है।

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