ज़फ़र खान, अकोला (महाराष्ट्र), NIT:

स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय मुद्रा के जाली नोटों के एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से ₹97 हजार मूल्य के 500-500 रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। मामले में अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क की तलाश जारी है।
पुलिस के अनुसार 17 जुलाई 2026 को पुलिस निरीक्षक नितीन लेव्हरकर को गुप्त सूचना मिली थी कि गुडधी निवासी चंदन भीमराव घांडोरे (43) नकली नोटों के साथ रेलवे गेट, गुडधी क्षेत्र से गुजरने वाला है। सूचना पर पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक को अवगत कराते हुए उनके मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई।
टीम ने आलियाबाद रोड, गुडधी में जाल बिछाकर चंदन घांडोरे को गिरफ्तार किया। तलाशी में उसके पास से 500 रुपये के 21 नकली नोट बरामद हुए, जिन्हें पंचों की मौजूदगी में जांच करने पर जाली पाया गया।
पूछताछ में चंदन ने बताया कि ये नोट उसने मुर्तिजापुर निवासी जहीरुद्दीन जबीरुद्दीन (पठाणपुरा) से लिए थे। इसके बाद पुलिस ने आसरा फाटा चौक, मुर्तिजापुर में दबिश देकर जहीरुद्दीन को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 500 रुपये के 173 नकली नोट बरामद किए गए।
आगे की पूछताछ में जहीरुद्दीन ने खुलासा किया कि उसे ये नोट गुडधी निवासी विठ्ठल संजय वारोकार (35) ने दिए थे। पुलिस ने विठ्ठल को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने बताया कि वह यह नकली करेंसी बुलढाणा जिले के डोणगांव निवासी एक व्यक्ति से लाया था, ताकि बाजार में असली नोटों की तरह खपाई जा सके।
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन थाना, अकोला में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 180 एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है और रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बी. चंद्रकांत रेड्डी के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक नितीन लेव्हरकर के नेतृत्व में एलसीबी टीम द्वारा की गई, जिसमें सहायक पुलिस निरीक्षक निलेश देशमुख, गोपाल जाधव, उपनिरीक्षक माजिद पठाण, अनिल चव्हाण सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

