जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, पत्नी ने अपने प्रेमी और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची। आरोप है कि पहले पति को नींद की गोलियां देकर बेहोश किया गया, फिर जहरीले करैत सांप से डसवाकर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पत्नी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, मृतक अतुल कुमार पंवार (32) जे-ब्लॉक कॉलोनी में एक स्कूल का संचालन करते थे। उनकी पत्नी दामिनी (30) का कथित रूप से स्कूल के वैन चालक तुषार उर्फ निक्की से पिछले एक वर्ष से प्रेम संबंध था। इसी दौरान दोनों ने अतुल को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
साजिश का खौफनाक तरीका
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले चार महीनों से हत्या की योजना बना रहे थे। इस दौरान दो बार प्रयास असफल रहे, जबकि 17 जुलाई की रात तीसरी कोशिश में वारदात को अंजाम दिया गया।
आरोप है कि दामिनी ने पति अतुल को दूध में 10–12 नींद की गोलियां मिलाकर पिला दीं। गहरी नींद में जाने के बाद उसने तुषार को बुलाया। इसके बाद सपेरे सोनू और उदय कथित रूप से 15 हजार रुपये में जहरीला करैत सांप लेकर पहुंचे। आरोप है कि सांप को अतुल के बिस्तर पर छोड़ दिया गया, जिससे सर्पदंश के कारण उनकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों का उद्देश्य अतुल के नाम पर करीब 20 लाख रुपये के जीवन बीमा की राशि प्राप्त करना तथा सर्पदंश से मृत्यु पर मिलने वाले सरकारी मुआवजे का लाभ उठाना था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
परिजनों के संदेह और प्रारंभिक जांच के आधार पर हस्तिनापुर पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और तुषार के मोबाइल फोन में मिले कथित साक्ष्यों के आधार पर पूरी साजिश का खुलासा हुआ।
मेरठ पुलिस और एसडब्ल्यूएटी (SWAT) टीम ने दामिनी, तुषार, सोनू और उदय को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। मामले में हत्या, आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पृष्ठभूमि
अतुल और दामिनी का विवाह वर्ष 2019 में प्रेम विवाह के रूप में हुआ था। दोनों संयुक्त रूप से एक स्कूल का संचालन कर रहे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के बीच संबंध तनावपूर्ण थे।
पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर मामले का शीघ्र खुलासा किया गया। प्रकरण की आगे की जांच जारी है।

