संदीप शुक्ला, ब्यूरो चीफ, ग्वालियर (मप्र), NIT:

गोपाल किरण समाजसेवी संस्था (GKSSS) द्वारा शासकीय माध्यमिक विद्यालय, सनातन धर्म, थाठीपुर, ग्वालियर में ‘नशे से दूरी है ज़रूरी’ जन-जागरूकता अभियान के अंतर्गत एक प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता विकसित करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए उन्हें प्रेरित करना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोपाल किरण समाजसेवी संस्था के अध्यक्ष श्री प्रकाश सिंह निमराजे ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की प्रगति को भी प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने परिवार तथा समाज को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने खुलकर अपने अनुभव साझा किए। कई विद्यार्थियों ने बताया कि उनके परिवार या आसपास के लोग तंबाकू, गुटखा, शराब अथवा अन्य प्रकार के नशे का सेवन करते हैं। इस पर श्री निमराजे ने नशे के सामाजिक, आर्थिक, मानसिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में UPES, देहरादून से गोपाल किरण समाजसेवी संस्था में इंटर्नशिप कर रहीं दिव्याना मिश्रा एवं काव्या त्रिपाठी ने विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने नशे से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया तथा उन्हें जीवन में सही निर्णय लेने, आत्मविश्वास विकसित करने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से श्रीमती ममता सिंह राणा (प्राथमिक शिक्षिका), श्री उमाकांत शर्मा (प्राथमिक शिक्षक), श्री संजीव कौरव (माध्यमिक शिक्षक) एवं श्रीमती प्रेमवती (रसोइया) सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सभी शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नैतिक मूल्यों एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थितजनों ने ‘नशामुक्त भारत–स्वस्थ भारत’ के निर्माण हेतु स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार, मित्रों और समाज को भी नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करने का सामूहिक संकल्प लिया।
गोपाल किरण समाजसेवी संस्था (GKSSS) ने बताया कि संस्था द्वारा भविष्य में भी विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इसी प्रकार के जन-जागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि युवा पीढ़ी स्वस्थ, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बन सके।

