वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:
कस्बा कुकरा के गढ़ी स्थित हज़रत ख़्वाजा उबैदुल ग़नी उर्फ़ मुनन मियाँ शाह कादरी (चिश्ती जहांगीरी अबुल उलाई हसनी रहमतुल्लाह अलैह) का 67वाँ सालाना उर्स मुबारक आगामी 19 जुलाई से अकीदत और एहतराम के साथ शुरू होगा। तीन दिवसीय इस सूफ़ी आयोजन को लेकर क्षेत्र के ज़ायरीन और मुरीदों में भारी उत्साह है तथा तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं।
सूफ़ी खालिद जमीली ने जानकारी देते हुए बताया कि यह रूहानी आयोजन पीरो-मुर्शिद हज़रत ख़्वाजा सूफ़ी जमील हसन की पाक याद में, सज्जादा नशीन सूफ़ी यासीन जमीली एवं ख़लीफ़ा-ए-जमीली सूफ़ी मोहम्मद अनवर उर्फ़ बाबू मियाँ (सेनपुर, बाले) की सरपरस्ती में आयोजित किया जा रहा है।
19 जुलाई (रविवार): उर्स के पहले दिन नमाज़-ए-इशा के बाद पारंपरिक तरीके से मज़ार शरीफ़ पर चादरपोशी की रस्म अदा की जाएगी।
20 जुलाई (सोमवार): दूसरे दिन नमाज़-ए-इशा के बाद अज़ीमुश्शान रूहानी महफ़िल-ए-समाअ (क़व्वाली) का आयोजन होगा, जिसमें मशहूर क़व्वाल सूफ़ियाना कलाम पेश करेंगे।
21 जुलाई (मंगलवार): उर्स के अंतिम दिन सुबह 9:00 बजे कुल शरीफ़ की ख़ास दुआ होगी। इसके बाद रंग महफ़िल का आयोजन किया जाएगा तथा अंत में सभी ज़ायरीन और अकीदतमंदों के लिए तकसीम-ए-लंगर (विशाल भंडारे) की व्यवस्था रहेगी।
उर्स प्रबंधन समिति, क्षेत्रवासियों और मुरीदीन-ए-हज़रत ने सभी अकीदतमंदों एवं मोहिब्बीन-ए-औलिया अल्लाह से अपील की है कि वे इस मुक़द्दस और ऐतिहासिक उर्स में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर दुआओं और फ़ैज़ हासिल करें।

