रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश पुलिस, जिला झाबुआ के थाना थांदला एवं उदय सामाजिक विकास संस्था के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम बड़ी धामनी स्थित संत जोसफ हाई स्कूल परिसर में ‘सृजन किशोर आत्मरक्षा एवं व्यक्तित्व विकास प्रशिक्षण’ का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम में छह गांवों के लगभग 325 बालक-बालिकाओं, उनके अभिभावकों एवं समुदाय के अन्य सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया, एसडीओपी राजेश सुलिया एवं थाना प्रभारी अशोक कनेश ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया।

इस अवसर पर एसडीओपी राजेश सुलिया, झाबुआ से रक्षा सखी एवं उप निरीक्षक अनिता तोमर, पेटलावद थाना से उप निरीक्षक एवं प्रशिक्षक महेश भामदारे, थाना प्रभारी अशोक कनेश, सामाजिक कार्यकर्ता नितिन डामर (ब्लॉक कोऑर्डिनेटर, खेल एवं युवा कल्याण विभाग), प्रशिक्षक गायत्री गरवाल, नेहा गणावा, सरपंच श्रीमती रंगू जालु डामोर, जमु सबू डामोर सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

सभी अतिथियों का पौधा भेंट कर स्वागत किया गया।
उदय सामाजिक विकास संस्था की ओर से एडवोकेट हर्षिता अवस्थी ने सृजन कार्यक्रम एवं सामुदायिक पुलिसिंग की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह पहल किशोर-किशोरियों में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, आत्मरक्षा कौशल तथा सामाजिक जागरूकता विकसित करने का प्रभावी माध्यम है।
वहीं सृजन कार्यक्रम की कोऑर्डिनेटर श्रीमती सपना जैन ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बच्चों को अपने लक्ष्य के प्रति सजग रहने तथा सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
अपने संबोधन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया ने कहा कि सृजन कार्यक्रम बच्चों और किशोरों के सर्वांगीण विकास का प्रभावी मंच है। उन्होंने बच्चों द्वारा प्रस्तुत अनुभवों एवं केस स्टडी की सराहना करते हुए शिक्षा, आत्मरक्षा, खेलकूद, भारतीय संस्कृति तथा सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। साथ ही युवाओं से नशे से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने तथा पुलिस एवं समुदाय के बीच विश्वासपूर्ण संबंध बनाए रखने का आह्वान किया।
एसडीओपी राजेश सुलिया ने बच्चों को सृजन कार्यक्रम से जुड़ने, स्वयं की सुरक्षा के प्रति सजग रहने तथा जरूरतमंदों की सहायता करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विभिन्न शासकीय एवं जनहितकारी योजनाओं की भी जानकारी दी।
रक्षा सखी एवं उप निरीक्षक अनिता तोमर ने मार्शल आर्ट एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के लिए 112 एवं 1098 हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी साझा की।
कार्यक्रम में गत वर्ष सृजन प्रशिक्षण से जुड़ी दो बालिकाओं ने अपने व्यक्तित्व में आए सकारात्मक बदलाव एवं अपने लक्ष्य के प्रति बढ़ी जागरूकता के अनुभव साझा किए। एक अन्य बालिका ने शिक्षा, अनुशासन, यातायात नियमों, व्यायाम तथा साइबर अपराध संबंधी प्रशिक्षण से प्राप्त सीख और अपने जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तनों के बारे में बताया।
प्रशिक्षक महेश भामदारे ने बालिकाओं के माध्यम से बॉक्सिंग, आत्मरक्षा तकनीकों एवं लाठी संचालन का आकर्षक प्रदर्शन प्रस्तुत किया, जिसे बच्चों एवं अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक सराहा।
इस अवसर पर ग्राम कोटड़ा की किशोरी बालिकाओं ने प्रेरणादायक नृत्य तथा आदिवासी संस्कृति पर आधारित पारंपरिक लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में सृजन प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर सपना जैन, एडवोकेट हर्षिता अवस्थी, प्रवीण सावले, रश्मि गौर, सीतू जादौन, विद्या भूरिया, गब्बू वसुनिया, कविता बरिया, मनीषा मोहे, बाल मित्र एवं यूनिट डायरेक्टर निर्मला मरांडी सहित संस्था के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
अंत में रक्षा सखी एवं उप निरीक्षक अनिता तोमर ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।

