SDPI ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन, यूसीसी पर पुनर्विचार और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की मांग | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

देश की पंजीकृत राजनीतिक पार्टी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) की जिला जबलपुर इकाई ने मंगलवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मध्यप्रदेश में प्रस्तावित समान नागरिक संहिता (UCC) पर पुनर्विचार, राज्य में मुस्लिम समुदाय, दलितों और आदिवासियों के खिलाफ बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए संविधान प्रदत्त मौलिक अधिकारों की रक्षा की मांग की गई।

यूसीसी पर व्यापक संवाद की मांग

ज्ञापन में कहा गया कि भारत का संविधान देश की विविध धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं का सम्मान करते हुए प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता, समानता और गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार प्रदान करता है। इसी भावना के तहत एसडीपीआई ने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा यूसीसी लागू करने की पहल पर पुनर्विचार की मांग की।

पार्टी का कहना है कि यह विषय करोड़ों नागरिकों की धार्मिक आस्थाओं और व्यक्तिगत कानूनों से जुड़ा है। ऐसे में सभी धर्मों के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और नागरिक समाज से व्यापक संवाद किए बिना कानून लागू करना संविधान की भावना और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं होगा। एसडीपीआई ने मांग की कि सभी हितधारकों से चर्चा के बाद ही इस विषय पर कोई निर्णय लिया जाए।

सांप्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था पर चिंता

ज्ञापन में मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में मुस्लिम समुदाय के खिलाफ कथित घृणा भाषण, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण, भीड़ हिंसा और धार्मिक स्थलों से जुड़े विवादों का उल्लेख करते हुए इन मामलों में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।

दलित, आदिवासी और महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा

ज्ञापन में दलितों और आदिवासियों पर होने वाले अत्याचार, महिलाओं के विरुद्ध हिंसा, भूमि अधिकारों के हनन तथा सामाजिक भेदभाव पर भी चिंता व्यक्त की गई। एसडीपीआई ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

पार्टी ने संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21, 25 और 29 का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी नागरिकों को समान अधिकार और संरक्षण मिलना चाहिए तथा इन प्रावधानों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।

शांति और लोकतांत्रिक मूल्यों की अपील

एसडीपीआई ने राष्ट्रपति से प्रदेश में शांति, भाईचारा, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने तथा सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों, धार्मिक स्वतंत्रता, सामाजिक न्याय और विधि के शासन की रक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

ज्ञापन सौंपने के दौरान एसडीपीआई के प्रदेश महासचिव इरफान उल हक अंसारी, जिला प्रभारी मोहम्मद अजहर, सह प्रभारी मोहम्मद मुजाहिद, नियाज अहमद, घनश्याम यादव, शहाबुद्दीन, महमूद अहमद, महमूद भारती सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

अंत में ज्ञापन सौंपने वालों ने विश्वास व्यक्त किया कि राष्ट्रपति संविधान की मूल भावना, सामाजिक न्याय और भारत की बहुलतावादी परंपरा की रक्षा के लिए इस ज्ञापन पर गंभीरता से विचार करेंगे।

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