अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:
सिद्धार्थ नगर जिला के इटवा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि यहां तैनात कुछ डॉक्टर सरकारी ड्यूटी की अनदेखी कर निजी प्रैक्टिस और कमीशन आधारित गतिविधियों में संलिप्त हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित डॉक्टर समय पर अस्पताल की ओपीडी में उपस्थित नहीं होते और सुबह के समय अपने निजी आवास पर मरीजों को देखते हैं। इसके कारण अस्पताल में आने वाले मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।

बताया जा रहा है कि निजी आवास पर मरीजों से प्रति व्यक्ति लगभग ₹100 तक की फीस ली जा रही है, जबकि सरकारी अस्पताल में उपचार निःशुल्क होना चाहिए। इसके अलावा, मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध दवाइयों के बजाय बाहर की महंगी दवाएं लिखे जाने के भी आरोप हैं।
मामला यहीं तक सीमित नहीं है। आरोप है कि मरीजों को विभिन्न जांचों के लिए निजी पैथोलॉजी और अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर भेजा जाता है, जहां से डॉक्टरों को कमीशन मिलने की बात सामने आ रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीब और जरूरतमंद मरीज सरकारी अस्पताल में मुफ्त इलाज की उम्मीद लेकर आते हैं, लेकिन उन्हें निजी खर्च करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
उल्लेखनीय है कि शासन स्तर पर सरकारी डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस से दूर रहने और अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों से ही उपचार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद इस प्रकार के आरोप स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
अब देखना यह है कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।

