मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध एमडी (सिंथेटिक मादक पदार्थ) बनाने वाली फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जीरो टॉलरेंस नीति और कैलाश मकवाना के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक गौरव राजपूत के निर्देश, रीवा रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक हेमंत चौहान के मार्गदर्शन तथा मऊगंज के पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार-2’ के तहत पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
पुलिस ने अवैध एमडी फैक्ट्री पर दबिश देकर चार आरोपियों—चंदन सिंह, अशोक गुप्ता, पीकचंद्र यादव और ऋषभ सेन—को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान करीब 1 करोड़ 28 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया गया। इसमें 360 ग्राम एमडी (अनुमानित कीमत 1 करोड़ रुपये), निर्माण में प्रयुक्त 300 लीटर से अधिक रसायन, विभिन्न उपकरण तथा एक महिंद्रा बोलेरो (अनुमानित कीमत 13 लाख रुपये) शामिल हैं।
यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सचि पाठक के पर्यवेक्षण में थाना शाहपुर प्रभारी निरीक्षक ऋषि द्विवेदी, उप निरीक्षक मृगेंद्र सिंह एवं चौकी प्रभारी खटखरी सहायक उप निरीक्षक अमर सिंह की टीम ने संयुक्त रूप से की।
पुलिस ने थाना शाहपुर में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/22 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
इस उल्लेखनीय सफलता पर वरिष्ठ अधिकारियों ने संबंधित पुलिस टीम को विशेष पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुलिस ने बताया कि एमडी (मेथामफेटामाइन) एक अत्यंत खतरनाक सिंथेटिक मादक पदार्थ है, जिसके सेवन से हृदय गति बढ़ना, उच्च रक्तचाप, मतिभ्रम और मृत्यु जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ ‘ऑपरेशन प्रहार-2’ आगे भी लगातार जारी रहेगा।

