मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

मानसून की शुरुआत के साथ ही रेलवे क्षेत्र स्थित लाल बहादुर शास्त्री प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला की बदहाल स्थिति सामने आ गई है। स्कूल भवन जर्जर होने के कारण बारिश का पानी छत से टपककर सीधे कमरों में भर रहा है, जिससे विद्यार्थियों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
स्थिति यह है कि कक्षाओं में बैठने की जगह तक पानी भर चुका है। बच्चों को गीली जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे न केवल पढ़ाई प्रभावित हो रही है बल्कि उनकी सेहत और सुरक्षा पर भी खतरा मंडरा रहा है। जर्जर छत के कारण कभी भी किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

रेलवे और शिक्षा विभाग के बीच फंसा मामला
इस समस्या को लेकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) ओ.पी. जोशी ने बताया कि संबंधित स्कूल भवन रेलवे की संपत्ति है। रेलवे प्रबंधन न तो भवन की मरम्मत करवा रहा है और न ही शिक्षा विभाग को इसकी अनुमति दे रहा है। ऐसे में मरम्मत कार्य अधर में लटका हुआ है।
अधिकारियों की उदासीनता का ख़ामियाजा भुगत रहे बच्चे
रेलवे और शिक्षा विभाग के बीच समन्वय के अभाव का सीधा असर बच्चों पर पड़ रहा है। टपकती छत और जलभराव के बीच बच्चे जोखिम उठाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया जाए और रेलवे प्रबंधन से समन्वय बनाकर स्कूल भवन की मरम्मत जल्द कराई जाए, ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा मिल सके।

