रहीम शेरानी हिंदुस्तानी/पंकज बड़ोला, झाबुआ (मप्र), NIT:

जमीयत उलेमा-ए-हिंद, इंदौर संभाग के अध्यक्ष मोहम्मद उमर कासमी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में नाज़िया इलाही द्वारा इस्लाम धर्म के पैगंबर हज़रत मुहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ एवं उम्मुल मोमिनीन हज़रत आयशा सिद्दीका (रज़ि.) के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि उक्त कथित बयान से मुस्लिम समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, जिससे व्यापक स्तर पर रोष व्याप्त है। साथ ही, ऐसे बयान सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन सकते हैं।
मोहम्मद उमर कासमी ने प्रशासन से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में नाज़िया इलाही के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में पर्याप्त आधार मिलते हैं, तो राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत भी कार्रवाई की जाए।
ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं—कथित वीडियो और बयानों की निष्पक्ष जांच, संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से आपत्तिजनक सामग्री हटवाना और दोषी पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना।
कासमी ने कहा कि भारत विविध धर्मों और संस्कृतियों का देश है, जहां सभी धर्मों का सम्मान आवश्यक है। किसी भी धर्म या उसके पूज्य व्यक्तित्वों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी समाज में वैमनस्य पैदा कर सकती है, इसलिए प्रशासन को इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।

