प्लॉट दिलाने का झांसा देकर आदिवासी कर्मचारी के नाम पर 6.79 लाख का लोन, 6.20 लाख आरोपी के भाई के खाते में ट्रांसफर; धोखाधड़ी का मामला दर्ज | New India Times

मो. मुजम्मिल,दमुआ /छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जुन्नारदेव पुलिस अनुविभाग के अंतर्गत थाना दमुआ क्षेत्र में भरोसे का फायदा उठाकर एक आदिवासी कर्मचारी के नाम पर बैंक से लाखों रुपये का लोन निकालकर राशि हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि प्लॉट दिलाने और बैंक से लोन दिलाने का झांसा देकर आरोपी ने पीड़ित के दस्तावेज, चेकबुक और बैंक खाते से लिंक मोबाइल सिम अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद 6.79 लाख रुपये का लोन स्वीकृत होने पर 6.20 लाख रुपये अपने भाई के खाते में ट्रांसफर करा दिए। मामले में दमुआ पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, दसरू पन्द्राम, जो डब्ल्यूसीएल में कार्यरत हैं, ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि तानसी रामपुर निवासी सतीश डेहरिया ने छिंदवाड़ा में प्लॉट दिलाने का भरोसा दिलाया था। बैंक लोन की प्रक्रिया कराने के नाम पर आरोपी ने आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासबुक, नौ चेक और बैंक खाते से लिंक मोबाइल सिम अपने पास रख लिया। आरोपी ने यह कहकर भरोसा दिलाया कि बैंक अधिकारी अंग्रेजी में बात करेंगे और पूरी प्रक्रिया वह स्वयं संभाल लेगा।

खाते में आया लोन, उसी दिन भाई के खाते में ट्रांसफर हुई राशि

शिकायत के अनुसार, जब पीड़ित कुछ दिनों बाद बैंक पहुंचा तो उसे पता चला कि 8 जनवरी 2026 को उसके खाते में 6.79 लाख रुपये का लोन स्वीकृत हो चुका था। जांच में सामने आया कि उसी दिन चेक के माध्यम से 6.20 लाख रुपये आरोपी के भाई नितेश डेहरिया के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। बैंक स्टेटमेंट से इस लेन-देन की पुष्टि होने के बाद मामले का खुलासा हुआ।

पैसे मांगने पर धमकाने का आरोप

पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी पहले टालमटोल करता रहा, बाद में कथित रूप से धमकाने लगा। शिकायत में आरोप है कि आरोपी ने कहा, “पैसे बांट दिए हैं, जहां शिकायत करना है कर दो। पुलिस और राजनीति में हमारे संबंध हैं, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” पीड़ित ने गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के भी आरोप लगाए हैं।

जांच के बाद मामला दर्ज

थाना दमुआ पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड और शिकायतकर्ता के बयान के आधार पर आरोपी सतीश डेहरिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 316(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, आरोपी का संबंध एक राजनीतिक छात्र संगठन से बताया जा रहा है, जिसके कारण मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और जांच जारी है।

बड़ा सवाल

यह मामला केवल बैंक धोखाधड़ी का नहीं, बल्कि ऐसे संगठित तरीकों की ओर भी संकेत करता है, जिनमें सीधे-साधे और कम पढ़े-लिखे लोगों का विश्वास जीतकर उनके दस्तावेज अपने कब्जे में लिए जाते हैं और फिर उनके नाम पर कर्ज लेकर राशि का दुरुपयोग किया जाता है।

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