राकेश यादव, देवरी/सागर (मप्र), NIT:

एक आदिवासी किसान ने जुगाड़ तकनीक का उपयोग करते हुए सड़क दुर्घटनाओं से बचाव का अनोखा तरीका अपनाया है। बिछुआ से अमृतझिरिया जाने वाली सड़क के किनारे खेतों में लगे झटका मशीन के तारों पर उन्होंने खाली प्लास्टिक शराब के पौवे लटका दिए हैं, जो रात के समय वाहनों की लाइट पड़ते ही रेडियम की तरह चमक उठते हैं और दुर्घटनाओं को रोकने में मदद कर रहे हैं।
सड़क के दोनों ओर कई किसानों द्वारा फेंसिंग के साथ झटका मशीन के तार लगाए गए हैं। ये पतले तार अक्सर दिखाई नहीं देते, जिससे पैदल राहगीरों, बाइक सवारों और चारपहिया वाहनों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। साथ ही तार टूटने की घटनाएं भी होती हैं, जिससे मवेशियों के खेतों में घुसने और फसलों को नुकसान पहुंचने की समस्या बढ़ जाती है।
इसी समस्या के समाधान के रूप में किसान हल्ले आदिवासी ने बड़ी संख्या में खाली शराब के प्लास्टिक पौवे इकट्ठा कर उन्हें तारों पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर टांग दिया। रात में ये बोतलें वाहन की लाइट पड़ते ही चमक उठती हैं, जिससे तार स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो जाती है।
हल्ले आदिवासी ने बताया कि झटका मशीन के पतले तार दिखाई नहीं देते, जिससे अक्सर राहगीर और वाहन चालक उनसे टकरा जाते हैं और तार टूट जाते हैं। इसके बाद मवेशी खेतों में घुसकर नुकसान कर देते हैं। इसी समस्या से बचाव के लिए उन्होंने यह तरीका अपनाया है।
“हमने सोचा कि खाली पौवों को तारों पर लगा दें, ताकि रात में गाड़ियों की लाइट पड़ते ही ये चमकें और कोई हादसा न हो।”

