प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के बीच पहुंचे प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट और विधायक अर्चना चिटनिस, निष्पक्ष सर्वे व शीघ्र राहत के दिए निर्देश | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों के बीच पहुंचे प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट और विधायक अर्चना चिटनिस, निष्पक्ष सर्वे व शीघ्र राहत के दिए निर्देश | New India Times

विगत दिनों आई आंधी, तूफान एवं बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों की समस्याओं को समझने और फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री एवं बुरहानपुर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट तथा बुरहानपुर विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री अर्चना चिटनिस ने ग्राम खामनी, टेंभी, दरियापुर रैयत सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने खेतों में पहुंचकर फसलों का निरीक्षण किया और किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। साथ ही भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ किसानों के साथ खड़ी है।

निरीक्षण के दौरान खेतों में गिरी फसलें, क्षतिग्रस्त पौधे और किसानों के चेहरों पर चिंता साफ दिखाई दी। विशेष रूप से केला सहित अन्य फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेते हुए जनप्रतिनिधियों ने किसानों से आत्मीय चर्चा की और उन्हें ढांढस बंधाया। किसानों ने प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की जानकारी साझा की, जिसे प्रभारी मंत्री और विधायक ने गंभीरता से सुना।

विधायक अर्चना चिटनिस ने कहा कि किसानों की मेहनत और उम्मीदों पर आई इस प्राकृतिक आपदा की भरपाई के लिए नुकसान का वास्तविक और निष्पक्ष आकलन आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वे कार्य पूरी पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समयबद्धता के साथ किया जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान राहत से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि सर्वे केवल कागजी प्रक्रिया न बनकर खेतों की वास्तविक स्थिति के आधार पर होना चाहिए, जिससे प्रभावित किसानों को न्याय मिल सके।

उन्होंने बताया कि कई स्थानों पर केला सहित अन्य कृषि फसलें गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं। ऐसे में प्रत्येक प्रभावित किसान को आरबीसी 6-4 के प्रावधानों के तहत उचित राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। साथ ही किसानों द्वारा दर्ज कराई जाने वाली आपत्तियों के त्वरित निराकरण तथा सर्वे प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी बनाए रखने पर भी जोर दिया।

प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों का शीघ्र, निष्पक्ष और तथ्यात्मक सर्वे कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और किसी भी प्रभावित किसान को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। प्रत्येक पात्र किसान को शासन की राहत योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाएगा।

निरीक्षण के बाद प्रभारी मंत्री एवं विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक भी ली। बैठक में फसल नुकसान सर्वे, राहत वितरण, मुआवजा प्रक्रिया तथा किसानों से प्राप्त शिकायतों और आपत्तियों की विस्तार से समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सर्वे कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं निर्धारित समय सीमा में पूरी की जाएं।

अर्चना चिटनिस ने कहा कि किसानों के सुख-दुख में वह सदैव उनके साथ खड़ी हैं। प्रभावित किसानों को समय पर राहत मिले और उन्हें उनके नुकसान का उचित प्रतिफल प्राप्त हो, इसके लिए वह लगातार गांव-गांव पहुंचकर जमीनी स्थिति का आकलन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अन्नदाता का सम्मान और हित सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी किसान को उसके अधिकार से वंचित नहीं होने दिया जाएगा।

इस दौरान नेपानगर विधायक मंजू राजेन्द्र दादू, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मनोज माने, पूर्व विधायक सुमित्रा कास्डेकर, जिला पंचायत अध्यक्ष गंगाराम मार्को, कलेक्टर हर्ष सिंह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागड़ी सहित जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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