अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
मौलाना बरकत उल्लाह विचार मंच के अध्यक्ष डॉ. सैयद खालिद कैस एडवोकेट ने विश्वविद्यालय का नाम बदलने का विरोध करते हुए इसे इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानियों के सम्मान के खिलाफ बताया है।
विचार मंच के अध्यक्ष डॉ. सैयद खालिद कैस एडवोकेट ने जारी बयान में कहा कि महान क्रांतिकारी और देश की प्रथम निर्वासित सरकार के प्रधानमंत्री प्रोफेसर मौलाना बरकत उल्लाह भोपाली ने देश की आजादी के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था। उनके नाम पर स्थापित बरकत उल्लाह विश्वविद्यालय प्रदेश की शैक्षणिक और ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का नाम बदलने का प्रयास न केवल इतिहास के साथ छेड़छाड़ है, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम के एक महान सपूत के योगदान को कमतर आंकने जैसा भी है। डॉ. कैस ने आरोप लगाया कि इस प्रकार के कदम समाज में अनावश्यक विवाद पैदा करने वाले हैं और सरकार की संकीर्ण सोच को दर्शाते हैं।
मौलाना बरकत उल्लाह विचार मंच ने सरकार से मांग की है कि विश्वविद्यालय का नाम बदलने के किसी भी प्रस्ताव को तत्काल वापस लिया जाए तथा स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और उनकी विरासत का सम्मान बनाए रखा जाए।
विचार मंच ने कहा कि देश के इतिहास और महान विभूतियों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखा जाएगा।

