फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) और संविधान सुरक्षा पार्टी (एसएसपी) के बीच गठबंधन की संभावनाएं तेज हो गई हैं। आरएलडी के वरिष्ठ नेताओं ने एसएसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर से गुरुग्राम में मुलाकात की और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर विस्तृत चर्चा की।
मुलाकात में आरएलडी के उत्तर प्रदेश महासचिव डॉ. सुशील, स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग एंड वोकेशनल एजुकेशन के एडवाइजर (रिटायर्ड, भारत सरकार) एवं वरिष्ठ समाजसेवी वाई.आर. वर्मा, वरिष्ठ समाजसेवी एवं भारत सरकार के वोकेशनल एजुकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट एक्सपर्ट रहे रिटायर्ड चौधरी उदयवीर सिंह सहित आरएलडी के कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों, वर्तमान सामाजिक स्थिति और दलित-किसान-कमेरा वर्ग के गठजोड़ पर विस्तार से चर्चा हुई। नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि दलित और किसान दोनों ही सताई हुई कौमें हैं। दोनों वर्गों के हितों की रक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए एक साझा मंच की जरूरत पर सहमति बनी।
जल्द एक मंच पर आ सकते हैं जयंत चौधरी और सतपाल तंवर
सूत्रों के अनुसार, बहुत जल्द आरएलडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व किसान नेता जयंत चौधरी और संविधान सुरक्षा पार्टी के संस्थापक नवाब सतपाल तंवर एक मंच पर आ सकते हैं। बैठक में 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में आरएलडी और एसएसपी के बीच संभावित गठबंधन की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई।
नवाब सतपाल तंवर ने मुलाकात के बाद कहा कि दलित, किसान और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूत गठबंधन की आवश्यकता है। आरएलडी नेताओं ने भी सतपाल तंवर के सामाजिक कार्यों की सराहना की और भविष्य में मिलकर काम करने की इच्छा जताई।यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि आरएलडी और एसएसपी का गठबंधन होता है तो इससे दलित-किसान वोट बैंक पर बड़ा असर पड़ सकता है।

