आशिफ शाह, ब्यूरो चीफ भिंड (मप्र), NIT:
विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली कि भिंड जिले में कुछ लोगों के पास फर्जी आर्म्स लाइसेंस हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक भिंड, डॉ. असित यादव द्वारा तकनीकी साइबर टीम को जांच के निर्देश दिए गए।
नेटग्रिड के माध्यम से लाइसेंसों को आर्म्स लाइसेंस अभिलेख एवं ऑनलाइन पोर्टल पर चेक किया गया, लेकिन उनका कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। जांच में सामने आया कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र सहित मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और जम्मू आदि स्थानों में कुछ अज्ञात व्यक्तियों/गिरोह द्वारा पैन कार्ड, आधार कार्ड और फोटो में छेड़छाड़ कर फर्जी लाइसेंस तैयार किए जा रहे थे।
इन लाइसेंसों पर QR कोड और जिला अधिकारी भिंड का नाम अंकित था, लेकिन वे आधिकारिक पोर्टल पर दर्ज नहीं थे। इस पर थाना देहात में 6 आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 24/26 धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसने अब तक कुल 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें कलेक्ट्रेट की आर्म्स शाखा के 2 कर्मचारी भी शामिल हैं, जिन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अन्य कर्मचारियों की भी जांच जारी है।
जांच में यह भी सामने आया कि 5 आरोपियों ने अपने और अपने परिवार के नाम पर फर्जी लाइसेंस बनवाए थे। अब तक कुल 11 फर्जी लाइसेंस बरामद किए गए हैं, जिनमें 10 पिस्टल (32 बोर) और 1 रायफल (315 बोर) शामिल हैं। दिनांक 22.04.2026 को थाना लहार क्षेत्र के 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से 1 रायफल (315 बोर) और 1 पिस्टल (32 बोर) बरामद की गई। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
इस कार्रवाई में अनुविभागीय पुलिस अधिकारी अटेर रविन्द्र वास्कले, निरीक्षक सतेन्द्र राजपूत, निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत, उपनिरीक्षक अतुल भदौरिया, वैभव तोमर, अरविंद सिकरवार, बलराम यादव, सहायक उपनिरीक्षक सत्यवीर सिंह तथा अन्य पुलिसकर्मियों की सराहनीय भूमिका रही।

