नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

महाराष्ट्र को कर्ज़ मे डुबोकर नीलामी की चौखट पर खड़ा कर चुकी देवेंद्र फडणवीस सरकार के राज में परेशान ठेकेदार लॉबी बार बार लगातार आंदोलन की भाषा कर के जनता के बीच अपने लिए इंसानियत के नाते पनपती अनुकंपा ख़त्म कर चुकी है। ठेकेदारों ने किसानो के लिए आज तक एक भी आंदोलन नहीं किया है। 1 लाख 16 हजार 500 करोड़ में अब 96 हजार 400 करोड़ रुपया महाराष्ट्र सरकार को ठेकेदारों का देना है।

सत्ताधारी नेताओं के साथ ठेकेदार लॉबी के स्थापित आर्थिक व्यवहार से मिले टेंडर्स सिस्टम में 2% की हकदार गोदी मीडिया में चलाई जाने वाली प्रो – कॉन्ट्रैक्टर्स खबरे सरकार ने मैनेज कर ली है। महाराष्ट्र की विधानसभा मे विपक्ष के नेताओ द्वारा ठेकेदारी – उधारी तथा श्वेत पत्र को लेकर सरकार से कई बार सवाल पूछे गए लेकिन मुख्यमंत्री ने कभी भी सीधा जवाब नही दिया। ठेकेदार लॉबी ने बीजेपी नेताओ की 40% कमीशनखोरी के ख़िलाफ़ सड़को पर उतरकर 2023 में कर्नाटक की सत्ता से बीजेपी को हटा दिया।
महाराष्ट्र में दक्षिणपंथी सोच के वश में आ चुके एक राष्ट्र एक नेता के मुरीद अब अपनी बदहाली के चश्मदीद बन गए है। पंचायत समिति जिला परिषद के रस्ते ठेकेदारी में उतरा बड़ा वर्ग लोकल विधायक का सपोर्ट पैनल और मंत्रालय में मंत्रियों का ओएसडी भी है। सरकार ठेकेदारों को नासिक सिंहस्थ अर्ध कुंभ के 25 हज़ार करोड़ रुपए के नगदी फंड्स के बंदरबाट से खुश करने के जुगाड को सेट करने में लगी है। अगली रिपोर्ट में हम आपको दरबारी ठेकेदारी के कुछ नए तथ्यों से अवगत कराने का प्रयास करेंगे।
संजय राउत ने सरकार को लताड़ा :
बारिश के कारण खेती किसानी के नुकसान से आक्रोशित शिवसेना नेता संजय राउत ने देवेंद्र फडणवीस सरकार को जमकर लताड़ा है। जामनेर शिवसेना प्रमुख एड प्रकाश पाटील , उस्मान शेख , संजय पाटिल ने राउत को बताया कि जामनेर में सात हजार एकड़ खेती बर्बाद हो चुकी है और किसानों की कोई सुनवाई नहीं है।

