ओम प्रकाश सोनी, ब्यूरो चीफ, अनूपपुर (मप्र), NIT:
भ्रष्टाचार करने वाले का कोई रूप नहीं होता है और न ही कोई जाति विशेष होती है। लेकिन मौका मिलने पर जब एक बैगा आदिवासी दूसरे बैगा को लूटने लग जाए तो फिर कुछ कहना बाकी नहीं बचता है कि शोषित कौन या शोषण करने वाला भी अपना क्या बेगाना क्या
जल जंगल और जमीन को बचाने के लिए एक तरफ लड़ाई लडी जा रही है तो वहीं दूसरी तरफ जंगल के रक्षक ही जंगलों के भक्षक बनकर सौदागार बन चुकें हैं। आइए जानते हैं क्या है मामला यहां तक मामले को दबाने के लिए मैडम ने बौखलाहट में आजाक थाना पहुंच गई और शिकायत दाखिल कर दी कि मुझे जातिगत टिप्पणी की गई ,आजाक थाने से फोन जाता है,इन सबसे यह स्पष्ट हो चुका है कि मैडम बैगाओ को लूटने खसोटने का काम करती है।
अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ जनपद पंचायत के अंतिम छोर पर स्थित अहिगरवा पंचायत के पीपरहा ग्राम तथा खासरमटी के बैगा जनजाति यानि राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों को जंगल की जमीन दिलाने के एवज में केलमनिया बीट गार्ड जिसका नाम सरस्वती बैगा बताया जा रहा है उसने जमीन दिलाने के बदले प्रति व्यक्ति बैगा से दस हजार रुपयो से लेकर पंद्रह हजार रुपए तक कि वसूली चौकीदार तथा प्राइवेट आदमी के सहारे वसूली करने का मामला सामने आया है सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार पड़ताल में केलमनिया बीट गार्ड मैडम का नाम सामने आया है तथा वसूली में चौकीदारों तथा प्राइवेट लोगों की भूमिका सामने प्रकाश में आई है जब पिपरहा में बैगा ग्रामीणो से पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट तौर पर मैडम का जिक्र किया किसी ने बताया कि दस हजार रुपए दिए तो किसी ने पंद्रह हजार रुपए दिए तो किसी ने अपनी बकरी बेचकर पांच हजार रुपए दिए, जब कैमरा के सामने सवाल पूछा गया तो बैगा आदिवासी डरकर कोई जबाब ही नहीं दे रहे थे,और नहीं अपना नाम बताना चाह रहे थे क्योंकि सीधे साधे बैगा आदिवासी डरे हुए थे क्योंकि वसूली मैडम ने कुछ चौकीदारों तथा प्राइवेट लोगों को रखा था जिससे डर का महौल बना हुआ था। लेकिन वैसे पूछा गया तो सीधे तौर पर बता रहे थे, लेकिन पड़ताल और खूफिया तौर पर उन्होंने बताया कि बरसों से जंगल भूमि पर खेती कर रहे हैं,जमीन तो न छोड़ेंगे रही बात पैसों की तो पहले भी बीट गार्ड लोगों ने लिया और अब यह मैडम ले रही है कि जमीन दिलवा दूंगी लेकिन स्पष्ट नहीं बता रही है कि दस हजार रुपए में कितने एकड़ जमीन दिलवायेगी ,अब क्या बताएं साहेब एक एक हजार रूपए पहले सब से ले चुकी है, मैडम का नाम न स्पष्ट होने से जब अनूपपुर वन मंडल में पूछताछ की गई तो खुलासा हुआ कि केलमनिया बीट गार्ड शहडोल साऊथ रेंज में आता है आपको शहडोल रेंज से बात करनी पड़ेगी , और केलमनिया बीट गार्ड सरस्वती बैगा का नाम सामने आया ,सोचने वाली बात है जब राष्ट्रपति के दत्तक पुत्रों से जमीन के एवज में झूठे वादे करके वसूली की जा सकती है तो फिर और जगह के व्यक्तियों की क्या हालत होगी ,बैगा जनजाति आदिवासी के लोग किसी तरह जीविका चला रहे हैं और जूझ रहे हैं कभी पानी के लिए कभी सड़क के लिए तो कभी स्वास्थ्य के लिए लेकिन प्रशासन के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है और अब जमीन के पट्टा दिलाने के नाम पर लूट खसोट की जा रही अब देखना होगा कि शहडोल डीएफओ कार्यालय को सूचना मिलने पर क्या कार्यवाही करतीं हैं या फिर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा
क्या कहते हैं वन मंडल अधिकारी
फोन से संपर्क करने पर
जैसा कि मामला सामने आया जमीन के बदले पैसों की हम इसकी जांच करवा लेते हैं और जो भी नतीजे सामने आयेगा उसके हिसाब से कार्यवाही की जायेगी
श्रद्धा पंडरे,शहडोल वन मंडल अधिकारी
फिर जब शहडोल साऊथ जोन एसडीओ से बात की गई तो उन्होंने भी वीडियो देखने के बाद कहा कि इसकी जाच की जाएगी

