मक़सूद अली, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

यवतमाल से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां निलोना (गोधनी) क्षेत्र में सरकारी ई-क्लास जमीन पर अवैध गौण खनिज (माइनर मिनरल) के खनन का आरोप लगा है। इस मामले में व्हिसलब्लोअर अमोल ओमप्रकाश कोमावार ने जिला कलेक्टर से शिकायत कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

कोमावार के अनुसार, राजेश राव द्वारा बिना किसी सरकारी अनुमति के जेसीबी मशीन और टिप्परों की मदद से बड़े पैमाने पर खनन किया जा रहा था। 2 अप्रैल 2026 को उन्होंने स्वयं मौके पर जाकर इसका वीडियो रिकॉर्ड किया और संबंधित अधिकारियों—तहसीलदार योगेश देशमुख, एसडीओ गोपाल देशपांडे, मंडल अधिकारी संदीप मेहरे और तलाठी टेकाम—को भेजकर तत्काल कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय संबंधित तलाठी ने ही राजेश राव को सूचना देकर मशीनें हटाने के लिए कह दिया। इससे प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है।
शिकायत के बाद मंडल अधिकारी और तलाठी की मौजूदगी में पंचनामा किया गया। कोमावार ने अपनी शिकायत में मांग की है कि अवैध खनन और सागवान के पेड़ों की कटाई का पंचनामा कर दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही, खनन में इस्तेमाल 4 टिप्पर और जेसीबी मशीन को जब्त कर आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं।
आरोप है कि करीब 4 एकड़ क्षेत्र में लगभग 20 हजार ब्रास खनिज का उत्खनन किया गया, जबकि रिकॉर्ड में केवल 700–800 ब्रास ही दर्शाया गया है। इसके अलावा, यवतमाल तालुका में रेलवे प्रोजेक्ट से जुड़े 62 करोड़ रुपये के अवैध खनन का मामला भी सामने आया है। इस पूरे प्रकरण में कोमावार ने सवाल उठाया है कि जब खुलेआम खनन हो रहा है, तो प्रशासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है।
वन विभाग से भी की शिकायत:
कोमावार ने वन विभाग में भी शिकायत दर्ज कराई है कि अवैध खनन के दौरान 70–80 सागवान के पेड़ काटे गए हैं। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की विशेष जांच कर वन कानून के तहत राजेश राव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

