मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में कॉलर लगे बाघ की मौत के मामले में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस पूरे मामले का खुलासा डॉग स्क्वॉड ‘स्कॉट’ की मदद से की गई सघन सर्चिंग के दौरान हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कॉलर लगे बाघ की अंतिम लोकेशन के आधार पर गुरुवार शाम से टाइगर रिजर्व की बफर टीम एवं पश्चिम वनमंडल के सांगाखेड़ा परिक्षेत्र की टीम द्वारा संयुक्त रूप से सर्च अभियान चलाया जा रहा था।
संयुक्त टीम द्वारा 27 मार्च 2026, शुक्रवार की सुबह पश्चिम तामिया क्षेत्र अंतर्गत सांगाखेड़ा परिक्षेत्र के छातीआम बीट (कक्ष क्रमांक P-266 एवं P-262) से लगे राजस्व क्षेत्र के जंगल में एक मवेशी (बैल) का शव बरामद किया गया, जिससे बाघ के शिकार की आशंका हुई।
डॉग स्क्वॉड की सहायता से मौके पर सघन सर्चिंग की गई, जिसके दौरान सुबह लगभग 8:30 बजे घटनास्थल से कुछ दूरी पर जमीन में दफनाए गए बाघ के शव को बरामद किया गया।
प्रारंभिक जांच में मृत मवेशी (बैल) के मालिक की तलाश आसपास के गांवों में की गई। बैल के मालिक उदेसिंग पिता सुमरसिंग (उम्र 50 वर्ष, निवासी छातीआम) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने बताया कि कुछ दिन पहले उसके बैल का बाघ ने शिकार कर लिया था। इसके बाद उसने बैल के शव में जहर (कीटनाशक यूरिया) डाल दिया, जिसे खाने से बाघ की मौत हो गई।
आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि उसने अन्य लोगों के साथ मिलकर अगले ही दिन बाघ के शव को जमीन में दफना दिया।
वन विभाग ने मुख्य आरोपी उदेसिंग की निशानदेही पर अन्य आरोपियों—बिसनलाल उर्फ शीलू पिता जुगन (उम्र 30 वर्ष, निवासी पुटईआम), मनोहर सिंह पिता कोमल (उम्र 60 वर्ष, निवासी डोब झिरना, तहसील बाबई, जिला नर्मदापुरम) एवं कैलाल पिता कारेसा (उम्र 65 वर्ष, निवासी कूचीखोह)—को भी गिरफ्तार कर लिया है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहन जांच की जा रही है।
शुक्रवार शाम मृत नर बाघ का अंतिम संस्कार क्षेत्र संचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व राखी नंदा एवं वनमंडलाधिकारी पश्चिम छिंदवाड़ा वनमंडल साहिल गर्ग की उपस्थिति में निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत किया गया।
वन विभाग ने बताया कि इस वारदात में शामिल सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।

