मक़सूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

निर्वाचन आयोग द्वारा चलाया जा रहा विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन जिले में इसकी प्रक्रिया को लेकर भारी भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कार्यक्रम का आधा समय बीत जाने के बावजूद कई नागरिकों को अब तक यह जानकारी नहीं है कि उनका बूथ लेवल अधिकारी (BLO) कौन है।
नागरिकों का कहना है कि BLO के बार-बार वार्ड बदलने की खबरों से स्थिति और अधिक जटिल हो गई है। इससे लोगों को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें यह चिंता सता रही है कि कहीं उनका मतदान अधिकार प्रभावित न हो जाए।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित अधिकारी प्रत्येक प्रभाग के अनुसार स्थायी रूप से BLO की नियुक्ति करें और उनकी जानकारी विभिन्न माध्यमों से आम जनता तक पहुंचाई जाए। नियमों के अनुसार, प्रत्येक BLO का दायित्व है कि वे घर-घर जाकर SIR प्रक्रिया के तहत नागरिकों की जानकारी को सही और पूर्ण करें, लेकिन फिलहाल यह व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू होती नजर नहीं आ रही है।
सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर मिल रही अधूरी और भ्रामक जानकारी ने भी नागरिकों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि निर्वाचन आयोग के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अधिकारियों की लापरवाही के कारण अनावश्यक परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं।
नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द ठोस कदम उठाकर स्थिति स्पष्ट की जाए, ताकि SIR प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो सके और किसी भी मतदाता का अधिकार प्रभावित न हो।
