अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:
भारतीय रेलवे ने टिकट रिफंड नियमों में बदलाव को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चल रही भ्रामक खबरों का खंडन किया है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि नए नियमों से यात्रियों पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला गया है, बल्कि यह बदलाव उनकी सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से किए गए हैं।
रेलवे के अनुसार, चार्ट तैयार करने के समय में अहम बदलाव किया गया है। पहले जहां ट्रेन के प्रस्थान से करीब 4 घंटे पहले चार्ट बनता था, अब इसे परिस्थितियों के अनुसार 9 से 18 घंटे पहले तैयार किया जा रहा है। इससे खासकर दूर-दराज के यात्रियों को समय रहते यह जानकारी मिल सकेगी कि उनकी टिकट कन्फर्म हुई है या नहीं, जिससे वे अपनी यात्रा की बेहतर योजना बना सकेंगे।
रिफंड नियमों में किए गए संशोधनों को लेकर भी रेलवे ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि यात्रियों से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा है। ये बदलाव केवल व्यवस्था को सरल, पारदर्शी और अधिक उपयोगी बनाने के लिए हैं।
रेलवे ने यह भी बताया कि नई व्यवस्था से अवैध टिकट एजेंटों और फर्जी बुकिंग पर लगाम लगेगी। यात्रियों को समय पर सही जानकारी मिलने से बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी।
इसके अलावा, यात्रियों को नई सुविधाएं भी दी गई हैं। अब वे ट्रेन के प्रस्थान से अंतिम आधे घंटे तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। साथ ही, सीट उपलब्ध होने पर यात्रा श्रेणी को भी आधे घंटे पहले तक अपग्रेड किया जा सकेगा।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक खबर पर विश्वास न करें और केवल अधिकृत स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें।

