मोहम्मद सिराज, ब्यूरो चीफ, पांढुर्णा (मप्र), NIT:

पांढुर्णा में आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में निःशुल्क शिक्षा योजना की प्रवेश प्रक्रिया में गंभीर तकनीकी खामियों का खुलासा हुआ है। इन त्रुटियों के कारण कई बच्चों का भविष्य अधर में लटकता नजर आ रहा है, जिससे अभिभावकों में चिंता और नाराज़गी बढ़ रही है।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभिभावक अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों की महंगी फीस के कारण शासकीय स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही उनके लिए बड़ी बाधा बन रही है।
जानकारी के अनुसार, पोर्टल में मैपिंग त्रुटि के चलते कई वार्डों- जैसे जाटबा, आज़ाद, टेकड़ी, खारी, गुरुदेव, शिवाजी, मेघनाथ, संत रविदास, पेवठा और भगत सिंह वार्ड के निवासियों को अपने क्षेत्र के स्कूल ऑनलाइन पोर्टल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसके अलावा, स्कूलों की दूरी गलत दर्शाए जाने के कारण कई छात्र लॉटरी प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने मांग की है कि पोर्टल की इन विसंगतियों को जल्द से जल्द ठीक किया जाए और प्रभावित बच्चों को पुनः आवेदन का अवसर दिया जाए। साथ ही, पांढुर्णा में एक हेल्प डेस्क स्थापित करने की भी मांग उठाई गई है, ताकि छात्रों और अभिभावकों को आवश्यक सहायता मिल सके।
नगर कांग्रेस कमेटी ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि मैपिंग सिस्टम में आई तकनीकी खराबियों को तत्काल दूर किया जाए। साथ ही, राज्य शिक्षा विभाग भोपाल से आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध कर, जनहित में छात्रों को राहत प्रदान की जाए।

