मोहम्मद इसहाक़ मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:
भाईचारे और मोहब्बत का प्रतीक ईद-उल-फितर का त्योहार आज पूरे देश की तरह रीवा शहर एवं जिले में भी अक़ीदत, शाइस्तगी और जोशो-खरोश के साथ मनाया गया। रमज़ान के 30 रोज़े पूरे होने के बाद मुस्लिम समुदाय ने ईद की खुशियां मनाईं।
शरीअत हिलाल तस्दीक कमेटी के सेक्रेटरी एडवोकेट महमूद खान ने बताया कि सुबह फजर की नमाज के बाद लोग नहा-धोकर नए और रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर ईदगाह और मस्जिदों की ओर रवाना हुए। यहां उन्होंने ईद-उल-फितर की दो रकात वाजिब नमाज अदा की और अल्लाह से मुल्क में अमन, चैन, तरक्की और खुशहाली की दुआ मांगी।
बीहर नदी के तट पर स्थित मुख्य ईदगाह घोघर में शहर काजी मुफ्ती मोहम्मद मुबारक अज़हरी ने नमाज अदा कराई। इस मौके पर उन्होंने अपने खिताब में कहा कि जिस तरह रमज़ान में इबादत की जाती है, उसी तरह पूरे साल अल्लाह की इबादत और नेक कामों को जारी रखना चाहिए।
जिले के सभी 23 नमाज़ स्थलों: ईदगाह घोघर, शाही ईदगाह बिछिया, जामा मस्जिद छोटी दरगाह, बड़ी दरगाह और दारा शाह तकिया सहित हजारों मुस्लिम भाइयों ने नमाज़ अदा की। रीवा शहर के साथ-साथ ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में भी ईद का त्योहार पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया गया।
केंद्रीय जेल स्थित मस्जिद में भी मुस्लिम बंदियों के लिए विशेष रूप से नमाज अदा कराई गई।
त्योहार के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर निगम द्वारा सुरक्षा एवं यातायात के व्यापक इंतजाम किए गए, जिससे ईद का पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर शरीअत हिलाल तस्दीक कमेटी के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सभी धर्मों के लोगों, प्रशासनिक अधिकारियों और मीडिया का आभार व्यक्त किया।

