नरेंद्र कुमार, ब्यूरो चीफ, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
18-19 मार्च की रात महाराष्ट्र के मुंबई उपनगर, नासिक, धूलिया, अहमद नगर (अहिल्या नगर), औरंगाबाद (छ०संभाजीनगर), जालना, जलगांव, कोंकण विभाग में अचानक मूसलाधार बारिश होने से खेतों में खड़ी रबी की फसलें बुरी तरह से प्रभावित हो गई हैं। कल तक व्यापारियों ने गेहूं 2200-2300, चना 5000-5100 रुपए प्रति क्विंटल खरीदकर गोदाम भर लिए। इसी गेहूं को व्यापारी 2700-3000 के रेट पर बेच रहे हैं। देर से बोया गया लेकिन कटाई के लिए खेतों में खड़ा चना और गेहूं का हज़ारों हैक्टेयर क्षेत्र बारिश की चपेट में आ गया है। औरंगाबाद और अहिल्या नगर में बारिश के साथ ओले भी गिरे। बारिश के कारण गेहूं, चने का मार्केट अगले महीने में तेजी से गिरने जा रहा है। बारिश से पिटा गेहूं चना कॉर्पोरेट को करोड़ों का मुनाफा देगा। देवेंद्र फडणवीस सरकार की वर्तमान किसान ऋण माफी योजना पहले की स्कीम्स की तरह नाकाफी और बेकार है। कृषि उत्पादों के लिए सरकार की ओर से तय किया गया न्यूनतम समर्थन मूल्य सिर्फ़ कागज़ पर है। RSS ने आज तक किसानों के हितों के लिए एक भी आंदोलन नहीं किया है। भ्रष्टाचार से कमाया हज़ारों करोड़ का काला धन सफ़ेद कर रहे मंत्री किसानों की बदहाली पर चुप हैं। मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के अलग अलग जिलों में ताबड़तोड़ बारिश की चेतावनी दी है। इगतपुरी से स्व बालासाहब ठाकरे समृद्धि महामार्ग के रस्ते फुलंब्री गेट पास से NH 753 F के हमराही बने न्यू इंडिया टाइम्स के संवाददाता ने तेज़ बारिश को रेकार्ड करने का प्रयास किया है। अगली रिपोर्ट में हम आपको समृद्धि की आड़ में PWD के कारनामों से अवगत करवाएंगे।

