नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

हिंदुत्व और रामराज की बात करने वाली बीजेपी ने महाराष्ट्र की जनता पर 11 लाख 26 हजार रुपए के कर्ज़ का बोझ डाल दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बजट पेश किया लेकिन खर्च करने और ब्याज भरने के लिए सरकार की तिज़ोरी में फूटी कौड़ी नहीं है। किस विभाग के लिए सरकार ने कितना फंड आबंटित किया है उसका कोई अतापता नहीं है।

स्वास्थ से संबंधित महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना का संचालन केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना से किया जा रहा है। 5 लाख रुपए तक के मुफ़्त इलाज़ के लिए मान्यता प्राप्त किसी भी अस्पताल में जाने पर सबसे पहले आपका आयुष्मान कार्ड चेक किया जाता है। ऑनलाइन राशन कार्ड से आयुष्मान योजना का लिंक होना अनिवार्य बना दिया गया है।

अगर मरीज़ ने महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना से उपचार की मांग की तब भी उसको आयुष्मान योजना से जोड़कर हि इलाज़ के लिए भर्ती किया जा सकता है अन्यथा नहीं। 35 साल के नितिन को हफ्ते में दो बार डायलिसिस करना पड़ता है। उनको कलाई में AV – Fistula मशीन लगाने का ऑपरेशन निजी हॉस्पिटल में करना पड़ा। पिता बने अनिल और कविता को अपने कुपोषित नवजात का जीवन सुरक्षित करने के लिए आयुष्मान कार्ड के अभाव में निजी हॉस्पिटल में हर रोज़ 15 हजार खर्च करना पड़ रहा है।
2011 में सरकार ने आयुष्मान योजना का सर्वे उपलब्ध डेटा के आधार पर निपटा दिया जिसके कारण लाखों परिवार अब आयुष्मान और महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना के बाहर कर दिए गए हैं। अगली रिपोर्ट में हम आप पाठकों को आयुष्मान योजना में हो रहे भ्रष्टाचार के बारे में जानकारी देने का प्रयास करेंगे। बहरहाल राजनीतिक हलको में प्रचार के लिए इस्तेमाल किए जा रहे जामनेर के एक अस्पताल का हाल इतना बुरा है कि कर्मचारियों को बीते पांच महीने से वेतन नहीं मिला है।

