ममता गनवानी,भोपाल (मप्र), NIT:
प्रदेश में एचआईवी/एड्स नियंत्रण कार्यक्रम में पिछले 24 वर्षों से कार्यरत संविदा अधिकारियों और कर्मचारियों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर मंगलवार को राजधानी भोपाल में प्रदर्शन करते हुए “न्याय यात्रा” निकाली। यह यात्रा जयप्रकाश चिकित्सालय परिसर से स्वास्थ्य संचालनालय तक आयोजित की गई। आंदोलन समस्त स्वास्थ्य अधिकारी-कर्मचारी महासंघ के आव्हान पर एड्स कंट्रोल एम्प्लाइज यूनियन, मध्यप्रदेश के बैनर तले किया गया।
यूनियन प्रतिनिधियों ने बताया कि पूर्व में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा संविदा कर्मचारियों को नीति बनाकर नियमित करने की घोषणा की गई थी, जिसके तहत विभिन्न विभागों के संविदा कर्मचारियों को लाभ मिला, लेकिन राज्य एड्स नियंत्रण समिति में कार्यरत कर्मचारियों को यह कहते हुए बाहर कर दिया गया कि कार्यक्रम का बजट केंद्र सरकार से आता है। कर्मचारियों का कहना है कि समिति का संचालन राज्य सरकार करती है, इसलिए उन्हें भी समान लाभ मिलना चाहिए।

इस अवसर पर यूनियन के चीफ एडवाइजर डॉ. हेमंत वर्मा ने कहा कि एड्स नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों से प्रदेश में एचआईवी संक्रमण दर में कमी आई है, लेकिन लंबे समय से नियमितीकरण की मांग के बावजूद सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि न्यायालयों द्वारा भी संविदा कर्मचारियों के हित में कई निर्णय दिए जा चुके हैं, इसके बाद भी उनकी मांग लंबित है।
यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष सुनील मिश्रा ने बताया कि संविदा नीति 2023 से संबंधित फाइल लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में लंबित है और पिछले दो-तीन वर्षों से लगातार मंत्रालय स्तर पर संपर्क के बावजूद केवल आश्वासन मिल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर अमरण अनशन भी किया जाएगा।

यूनियन की उपाध्यक्ष सरोजनी नंदे ने कहा कि कम वेतन में कर्मचारियों को परिवार चलाना कठिन हो रहा है, जबकि वे एचआईवी संक्रमण रोकने जैसे महत्वपूर्ण कार्य में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने संविदा और अनुबंध प्रथा समाप्त कर नियमित नियुक्ति की मांग दोहराई।
कर्मचारियों ने “समान कार्य, समान वेतन” और संविदा नीति 2023 के तहत राज्य एड्स नियंत्रण समिति के सभी संविदा अधिकारियों-कर्मचारियों को नियमित करने की मांग करते हुए कहा कि प्रदेश के अन्य संविदा कर्मचारियों की तरह उन्हें भी न्याय मिलना चाहिए। प्रदर्शन में प्रदेश एवं विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए।

