एटीएम कार्ड डिलीवरी में लापरवाही पर बैंक की ज़िम्मेदारी तय, आरबीआई गाइडलाइंस का उल्लंघन उजागर | New India Times

जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

(कोई भी बैंक) अपने ग्राहकों की शिकायतों को गंभीरता से लेने और उनके समाधान के लिए जिम्मेदार होता है, विशेषकर तब जब एटीएम कार्ड जैसी संवेदनशील वस्तुओं की डिलीवरी कूरियर कंपनियों (जैसे ब्लू डार्ट) के माध्यम से कराई जाती है। चूंकि कूरियर सेवा को बैंक द्वारा आउटसोर्स किया जाता है, इसलिए डिलीवरी में हुई किसी भी प्रकार की चूक से बैंक अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकता।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की गाइडलाइंस के अनुसार, एटीएम/डेबिट कार्ड जारी करने वाली बैंक ही सभी संबंधित सेवाओं की प्रिंसिपल जिम्मेदार होती है। ऐसे में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारी राहुल गुप्ता द्वारा ग्राहक से यह कहना कि “हमें कोई मतलब नहीं” — ग्राहक सेवा मानकों का स्पष्ट उल्लंघन है, जिससे बैंक पर ग्राहकों का विश्वास कमजोर होता है।

क्या हो सकता है कारण

ब्लू डार्ट जैसी कूरियर कंपनियों में डिलीवरी से जुड़े मुद्दे अक्सर सामने आते हैं, जैसे—

गलत व्यक्ति को पार्सल सौंप देना

डिलीवरी स्टेटस का गलत अपडेट

बिना प्रयास किए “Premises Closed” दिखाना

कई मामलों में दो बार डिलीवरी असफल होने पर एटीएम कार्ड बैंक को वापस भेज दिया जाता है, जिसे ग्राहक शाखा से प्राप्त कर सकता है। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में भी ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां कूरियर की गलती के कारण ग्राहकों को परेशानी झेलनी पड़ी है।

ग्राहक क्या करें

• ट्रैकिंग जांचें:

यदि ब्लू डार्ट की ट्रैकिंग आईडी उपलब्ध है, तो उनकी वेबसाइट bluedart.com पर स्थिति जांचें।

• बैंक से संपर्क करें:
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के 24×7 कस्टमर केयर नंबर 1800 22 22 44 या 1800 208 2244 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं।
साथ ही एटीएम कार्ड को लॉस्ट/नॉट रिसीव्ड रिपोर्ट कर नया कार्ड जारी करने का अनुरोध करें।

• ब्रांच में लिखित शिकायत दें:
शाखा प्रबंधक को लिखित शिकायत देकर उसकी रसीद प्राप्त करें। “मुंबई ब्रांच जानती है” कहकर जिम्मेदारी टालना गलत है।

• कूरियर कंपनी से शिकायत:
ब्लू डार्ट कस्टमर केयर से संपर्क कर डिलीवरी डिटेल्स मांगें और औपचारिक शिकायत दर्ज कराएं।

समाधान न होने पर आगे की कार्रवाई

यदि 30 दिनों के भीतर बैंक द्वारा संतोषजनक समाधान नहीं किया जाता है, तो ग्राहक RBI की एकीकृत लोकपाल योजना, 2021 (Integrated Ombudsman Scheme, 2021) के तहत शिकायत दर्ज कर सकता है।

ऑनलाइन शिकायत:
https://cms.rbi.org.in पर जाकर Complaint Management System (CMS) के माध्यम से

• टोल-फ्री सहायता:
14448 (सुबह 9:30 से शाम 5:15 तक)

• ईमेल/डाक द्वारा:
Centralised Receipt and Processing Centre (CRPC),
Reserve Bank of India,
चंडीगढ़

इस योजना के अंतर्गत बैंकिंग सेवाओं में कमी, कर्मचारी के अनुचित व्यवहार और आउटसोर्सिंग से जुड़ी लापरवाही जैसे मामलों का निःशुल्क एवं समयबद्ध समाधान किया जाता है।

ग्राहक की सुरक्षा सर्वोपरि है और बैंक को ऐसे मामलों में तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई करना अनिवार्य है।

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