जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

संभागायुक्त श्री संजीव सिंह की अध्यक्षता में आयोजित संभागीय बैठक में वन विभाग अंतर्गत सभी जिलों में वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित (संपरिवर्तन) करने की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। बैठक में जिला कलेक्टरों एवं जिला वन मंडल अधिकारियों (डीएफओ) को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
संभागायुक्त श्री सिंह ने कहा कि वन ग्रामों को राजस्व ग्राम बनाने की कार्यवाही निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाए। इसके साथ ही वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अधिकार पत्र/पट्टों की मान्यता, एसओपी के पालन, वन अधिकार पट्टों के व्यवस्थापन तथा एफआरए पट्टाधारकों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में भोपाल कलेक्टर श्री कौशलेंद्र विक्रम सिंह, राजगढ़ कलेक्टर श्री गिरीश कुमार मिश्रा, विदिशा कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता, सीहोर कलेक्टर श्री बालागुरू के., रायसेन कलेक्टर श्री अरुण कुमार विश्वकर्मा सहित सभी जिलों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
संभागायुक्त श्री सिंह ने कहा कि वन ग्रामों में दावे की स्थिति का सत्यापन आवश्यक है तथा वन अधिकार समिति द्वारा किए गए दावों को मान्यता दी जा सकती है। वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित करने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से की जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि रकबे से संबंधित प्रस्ताव डीएफओ द्वारा कलेक्टर को भेजे जाएं तथा वन व्यवस्थापन से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा समय-सीमा में की जाए। साथ ही वन अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अधिकार पत्र धारकों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाए।
बैठक में संभागायुक्त श्री सिंह ने ‘संकल्प से समाधान’ एवं सीएम हेल्पलाइन की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर जिलों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि समाधान ऑनलाइन की स्थिति की विभागवार जानकारी प्राप्त कर शिकायतों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक भोपाल श्री क्षितिज कुमार ने बताया कि संभाग के अंतर्गत भोपाल जिले के 14, राजगढ़ के 2, विदिशा के 5, रायसेन के 13 एवं सीहोर जिले के 49 वन ग्रामों का राजस्व ग्राम में संपरिवर्तन प्रक्रियाधीन है।
प्रारंभिक चरण में वन विभाग, राजस्व विभाग एवं वन समितियों के संयुक्त दल द्वारा बाहरी सीमा निर्धारण एवं नक्शा तैयार करने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही वन ग्रामों के अभिलेखों का डिजिटलीकरण एवं ग्राउंड सर्वे की कार्यवाही भी जारी है।
उन्होंने बताया कि इन ग्रामों में प्रधानमंत्री आवास योजना, कपिलधारा कूप निर्माण, भूमि सुधार, मेढ़ बंधान/भूमि समतलीकरण, सिंचाई हेतु विद्युत एवं डीजल पंप, पाइपलाइन, किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड सहित अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ भी पात्र हितग्राहियों को प्रदान किया जा रहा है।
