गुना में कुदरत की मार: ओलावृष्टि से सरसों-धनिया की फसलें तबाह, बमोरी क्षेत्र में भारी नुकसान | New India Times

इदरीस मंसूरी, ब्यूरो चीफ, गुना (मप्र), NIT:

गुना जिला मुख्यालय सहित पूरे अंचल में मौसम के बदले मिजाज ने अन्नदाता की कमर तोड़ दी है। मंगलवार शाम से शुरू हुआ ओलावृष्टि और बारिश का दौर बुधवार तड़के तक जारी रहा, जिससे रबी की प्रमुख फसलों सरसों, गेहूं एवं धनिया को भारी नुकसान पहुँचा है। सबसे अधिक असर बमोरी क्षेत्र में देखने को मिला, जहाँ ओलों की सफेद चादर ने लहलहाती फसलों को जमीन पर बिछा दिया।

बमोरी के डोंगरी गांव में आफत बनी ओलावृष्टि

बमोरी क्षेत्र के ग्राम डोंगरी सहित आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों में मंगलवार शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। लगभग 15 मिनट तक बड़े बेर के आकार के ओले गिरे। स्थानीय किसान मुकेश भिलाला ने बताया कि तेज ओलावृष्टि के कारण उनकी सरसों की खड़ी फसल पूरी तरह गिर गई है।

ग्रामीणों के अनुसार पूरे गांव में 40 से 50 प्रतिशत तक फसल बर्बाद हो चुकी है। किसानों में इस बात को लेकर भी भारी आक्रोश है कि इतनी बड़ी प्राकृतिक आपदा के बावजूद अब तक कोई भी प्रशासनिक अमला या पटवारी सर्वे के लिए मौके पर नहीं पहुँचा है।

जिले में 27.8 मिमी बारिश दर्ज

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार देर रात से बुधवार सुबह तक जिले में रुक-रुक कर बारिश होती रही। बुधवार सुबह भी आसमान में घने बादल छाए रहे और कोहरे जैसी स्थिति बनी रही। हालांकि सुबह 11 बजे के बाद बादल छंटे और धूप निकली, जिससे लोगों को ठिठुरन से थोड़ी राहत मिली।

इस दौरान जिले में 27.8 मिमी बारिश दर्ज की गई। बुधवार को गुना का न्यूनतम तापमान 15.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह के समय हवा में आर्द्रता (नमी) का स्तर 98 प्रतिशत तक पहुँच गया, जिससे दृश्यता भी कम रही।

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