गणेश मौर्या, ब्यूरो चीफ, अंबेडकर नगर (यूपी), NIT:
अंबेडकर नगर जिले का परिवहन विभाग इन दिनों दलालों के मुद्दे को लेकर सुर्खियों में है। आरटीओ कार्यालय के बाहर लंबे समय से सज रही दलालों की मंडी पर अब प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। ख़बर प्रकाशित होने के बाद परिवहन विभाग के अधिकारी सत्येंद्र सिंह यादव (एआरटीओ) ने दलालों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
कार्रवाई के तहत एआरटीओ ने कार्यालय परिसर के आसपास मौजूद दलालों को सख्त चेतावनी देते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि अगर वे दोबारा दिखाई दिए तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने गेट पर तैनात गार्ड को भी फटकार लगाई और जिम्मेदारी तय की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एआरटीओ स्वयं गेट पर खड़े होकर कार्यालय आने वाले लोगों से पूछताछ करते नजर आए और बेवजह परिसर में आने वालों को बाहर भेजा गया।

बताया जा रहा है कि जैसे ही कार्यालय के अंदर चल रही दलाली पर रोक लगी, वैसे ही बाहर सक्रिय दलालों की “चांदी” हो गई। आरटीओ कार्यालय के बाहर रोजाना टेबल-कुर्सी लगाकर दलाल इस तरह बैठते हैं जैसे कोई अधिकृत ऑफिस हो। ये दलाल लोगों को लाइसेंस बनवाने, काम जल्दी कराने जैसे दावे करते हैं और मोटी रकम वसूलते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दलालों की दबंगई इस हद तक है कि अगर कोई उनसे ऊंची आवाज में बात कर दे तो मारपीट की धमकी तक दी जाती है। इससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
एआरटीओ ने विभागीय कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परिसर में किसी भी हाल में दलालों की एंट्री नहीं होनी चाहिए और ऐसे लोगों को चिन्हित कर तुरंत कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि यह सख्ती स्थायी रूप लेती है या फिर कुछ दिनों बाद हालात पहले जैसे हो जाते हैं।
फिलहाल परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से आम लोगों को राहत की उम्मीद जरूर जगी है।
