देसी उद्यमियों के साथ विदेश में करार : महाराष्ट्र में प्रोपेगेंडा का निवेश | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

देसी उद्यमियों के साथ विदेश में करार : महाराष्ट्र में प्रोपेगेंडा का निवेश | New India Times

स्विट्जरलैंड के दावोस मे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से भारत के छह राज्यो के मुख्यमंत्रियों ने दुनिया की कुछ कंपनियों के साथ अपने अपने राज्यों के लिए निवेश अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने 15 लाख करोड़ रुपए के निवेश का दावा किया।

देसी उद्यमियों के साथ विदेश में करार : महाराष्ट्र में प्रोपेगेंडा का निवेश | New India Times

2025 में किए गए 16 लाख करोड़ रुपए के निवेश की सच्चाई को गोदी मीडिया ने दफ़न कर दिया है। विदेश में अडानी लोढ़ा अंबानी जैसे देसी उद्योगपतियों के साथ करार करवाने की सरकार की पहल को विपक्ष ने ड्रामा बताया है। बीते बारा सालों से महाराष्ट्र में एक ढंग की MIDC नहीं बनी है। दावोस में CM किसी भी कंपनी के अफसर के साथ फ़ोटो क्लिक कर कारखानों को महाराष्ट्र के नक्शे पर चस्पाने में लगे हैं।

जलगांव के जामनेर में कोका कोला के प्लांट का जिक्र किया गया तो रिटायर्ड अंकलों ने तीन दशकों से पैदा होने के लिए प्रतिक्षारत विकास को सीधे दादा जी बना दिया। सरकार की तरफ से जामनेर MIDC के लिए आबंटित 150 एकड़ निजी जमीन का 250 करोड़ रुपया दिया नहीं जा सका तो औद्योगिक क्षेत्र का दायरा कम कर दिया गया।

टेक्सटाइल पार्क को कोका कोला की बोतल में उतारकर चियर अप किया जा रहा है। 2025 के वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में महाराष्ट्र सरकार ने कोका कोला कंपनी से एक अनुबंध किया जिसके अनुसार कंपनी के CSR फंड से राज्य के शहरो को साफ़ सुथरा और सुंदर बनाया जाना है।

फंड के लिए केंद्र से गुहार :

आठ हजार करोड़ के बजट वाला दो हिस्सों में बंटा महाराष्ट्र सरकार का इरिगेशन मंत्रालय फंड के लिए केंद्र के सामने गुहार लगा रहा है। राज्य के 29 सिंचाई प्रोजेक्ट को केंद्र सरकार की निति में शामिल किया गया है। सबसे अधिक प्रोजेक्ट्स गोदावरी कृष्णा नदी की जल प्रणाली से संबंधित है। विदर्भ कोंकण उत्तर महाराष्ट्र के प्रोजेक्ट बुरी तरह से पीट चुके है। जलसंपदा विभाग पर 13 हजार करोड़ रुपए का बकाया है।

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