नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

एकनाथ शिंदे की शिवसेना के सहारे बृहन्मुंबई महानगर पालिका में पहली बार अपना मेयर बनाने जा रही बीजेपी में जीत का रंग फीका नजर आ रहा है। 227 सीटों में बीजेपी 88 , शिवसेना ES 28 = 116 सीटे मिली है। उद्धव और राज ठाकरे 72 , कांग्रेस 24 + अन्य 05 = 101 सीट है। बूथ निहाय वोटिंग पैटर्न को देखा जाए तो मुंबई में शिवसेना का जमीनी मराठी भाषी मतदाता उद्धव ठाकरे के साथ डटकर खड़ा है। हिंदी गुजराती वोटर खुलकर बीजेपी के साथ गया।

ठाकरे बंधू को 33% वोट मिला वही बीजेपी और शिंदे को 25% , कांग्रेस को 17% वोट मिला है। इन नतीजों ने भाषिक क्षेत्रीयता की जो लकीर मुंबई में खींची है वो भविष्य में महाराष्ट्र में बीजेपी के पतन का कारण बन सकती है। ठाणे कल्याण में उभरे एकनाथ शिंदे बीजेपी के लिए दूसरे नीतीश कुमार और नफरती बयान देने वाले उनके मंत्री गण हेमंता बिस्वा शर्मा बन चुके हैं। ग्रामीण इलाकों से आनेवाले बीजेपी के सीनियर नेता मन में मुख्यमंत्री की मुराद लिए मोदी शाह को खुश करने के चक्कर में ठाकरे पर टीका टिप्पणी करने में लगे हैं।

29 मनपा में 05 पर कांग्रेस का महापौर बनेगा। शिवसेना UBT को 02 पर मौका मिला है। जनता ने एन सी पी शरदचंद्र पवार अजित पवार का सुपड़ा साफ़ कर दिया है। पवार परिवार सत्ता के साथ या बाहर जाता है यह देखना रोचक होगा। उत्तर महाराष्ट्र में गिरीश महाजन ने नासिक धूलिया जलगांव तीन मनपा में बीजेपी को एकतरफा जीत दिलवाई।
मालेगांव अहिल्यानगर में महाजन फेल हो गए। मतदान के दौरान धरे गए बोगस वोटर्स और वोटर्स को पैसे बांटने वाले सैकड़ो युवकों को प्रतिपक्ष द्वारा रंगेहाथ पकड़ा गया उनके वीडियो बनाकर सबूत सुरक्षित किए गए।
लक्ष्मीसेवकों की सार्वजनिक रूप से धुनाई की खबरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जनता को पता चल रही है। निर्वाचन आयोग ने वोटिंग के बीच घटी इन तमाम घटनाओं का कोई आधिकारिक डेटा जनता के सामने नहीं रखा है।
