नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

राज्य चुनाव आयोग ने महाराष्ट्र में 12 जिला परिषद और 125 पंचायत समितियों के आम चुनाव का प्रोग्राम घोषित कर दिया है। निकाय चुनावो का कारण बताकर नवंबर 2025 से अब तक जिलाधिकारी कार्यालयों द्वारा शिवभोजन योजना का फंड लटकाकर रखा गया है। शिवसेना UBT से बीजेपी की ईर्षा का सामना करती यह योजना अब तक बंद नहीं हुई है।

महाराष्ट्र के हजारो केंद्र संचालक प्रचंड आर्थिक तंगी के बीच बैंको से ऋण लेकर ब्याज पर पैसा उठाकर शिवभोजन योजना चला रहे है। राजस्व विभाग के अफसरो की मनमानी के कारण शिवभोजन योजना का पैसा रिलीज़ नही हो पा रहा है। शिव भोजन केंद्र संचालक तो इस फैसले पर आ चुके थे कि कुछ दिन के लिए भोजन सेवा बंद रख दी जाए लेकिन जरूरतमंद गरीबों की पेट की आग ने केंद्रों के चूल्हे ठन्डे नहीं पड़ने दिए।
शहर निकायों के तत्काल बाद 5 फ़रवरी को जिला परिषद चुनाव का पहला चरण है जिलाधिकारी कार्यालयों को शिव भोजन योजना का फंड रिलीज़ नहीं करने के लिए एक और नया बहाना मिल गया है। हुक्मरानों के मन में सत्ता से बाहर होने का डर प्रशासन को बेलगाम बनाता जा रहा है।
राजकीय व्यंग्यकार तो यह कहते सुने जा रहे है कि लंबित फंड के लिए तमाम केंद्र चालक यूनियन बनाकर बीजेपी में शामिल हो जाए। महाराष्ट्र को 10 लाख करोड़ रुपए के कर्ज़ में डुबो चुकी देवेन्द्र फडणवीस सरकार दिवालिया घोषित होने की कगार पर है।
