अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

गौवंश के संदिग्ध परिवहन से जुड़े मामले में लापरवाही बरतने पर नगर निगम भोपाल के प्रभावी पशु वध गृह में पदस्थ पशु चिकित्सक सहायक शल्यज्ञ डॉ. बेनी प्रसाद गौर को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई भोपाल संभाग आयुक्त कार्यालय द्वारा 13 जनवरी 2026 को जारी आदेश के तहत की गई।
आदेश के अनुसार, मध्यप्रदेश शासन पशुपालन एवं डेयरी विभाग के निर्देश पर डॉ. बेनी प्रसाद गौर को नगर पालिका निगम भोपाल के प्रभावी पशु वध गृह में पदस्थ किया गया था तथा उन्हें पशु वध गृह के प्रबंधन, पर्यवेक्षण एवं समन्वय संबंधी दायित्व भी सौंपे गए थे।
हाल ही में थाना जहांगीराबाद में गौवंश के संदिग्ध परिवहन को लेकर एफआईआर क्रमांक 0007/2026 दर्ज की गई, जिसमें प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि डॉ. गौर द्वारा अपने पदस्थ दायित्वों का समुचित एवं जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन नहीं किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि उन्होंने सौंपे गए कार्यों के प्रति लापरवाही बरती और अपने कर्तव्यों का सही तरीके से पालन नहीं किया।
आयुक्त कार्यालय के अनुसार, डॉ. गौर का यह आचरण मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के उपनियम (i), (ii) एवं (iii) का उल्लंघन है, जिसके चलते वे अनुशासनात्मक कार्रवाई के दायरे में आए।
इसके बाद आयुक्त-नगर निगम भोपाल द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर, संभाग आयुक्त भोपाल ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9(1) के तहत डॉ. बेनी प्रसाद गौर को निलंबित करने के आदेश जारी किए। निलंबन अवधि में उन्हें संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, भोपाल संभाग के अधीन मुख्यालय में नियत किया गया है तथा नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता भी देय होगा।
इस कार्रवाई से नगर निगम के पशु वध गृहों में कार्यप्रणाली और निगरानी को लेकर प्रशासन की सख्ती साफ नजर आ रही है। गौवंश से जुड़े मामलों में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए विभागीय कार्रवाई की गई है।
