प्रतापगढ़ में संजीवनी नर्सिंग होम प्रकरण: न्याय की मांग को लेकर अधिवक्ता का अनिश्चितकालीन धरना 50वें दिन भी जारी | New India Times

दयाशंकर पांडेय, ब्यूरो चीफ, प्रतापगढ़ (यूपी), NIT:

संजीवनी नर्सिंग होम, प्रतापगढ़ से जुड़े कथित भ्रष्टाचार और आयुष्मान कार्डधारक मरीज से अवैध वसूली के मामले में न्याय की मांग को लेकर अधिवक्ता रवि कुमार द्विवेदी का अनिश्चितकालीन धरना 50वें दिन भी जारी रहा। धरना 19 नवंबर 2025 से जिला कलेक्ट्रेट परिसर में दिया जा रहा है।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि संजीवनी नर्सिंग होम के संचालक डॉ. एस. एस. गुप्ता ने आयुष्मान कार्डधारक मरीज को मृत्यु का भय दिखाकर अवैध धन की मांग की। पिपरी खालसा गांव निवासी रवि कुमार द्विवेदी ने बताया कि 10 फरवरी 2025 को वे अपने पिता देवी प्रसाद द्विवेदी का हर्निया ऑपरेशन कराने संजीवनी नर्सिंग होम पहुंचे थे, जहां ऑपरेशन के नाम पर “दूसरे डॉक्टर को बुलाने” का हवाला देते हुए 15,000 रुपये की मांग की गई।

इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी प्रतापगढ़ एवं मुख्य चिकित्साधिकारी से की गई थी, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि आठ माह बीत जाने के बाद भी जांच लंबित है और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप यह भी है कि जांच अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में संबंधित डॉक्टर का पक्ष लेते हुए मामले को कमजोर कर दिया।

पीड़ित द्वारा जिन अधिकारियों पर फर्जी आख्या देने एवं शिकायत की श्रेणी बदलने का आरोप लगाया गया है, उनमें—
उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह (थाना कोतवाली नगर),
पूर्व क्षेत्राधिकारी नगर/पुलिस लाइन शिव नारायण वैश्य,
उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शबीब हैदर,
तथा मुख्य चिकित्साधिकारी प्रतापगढ़ डॉ. ए. एन. प्रसाद शामिल हैं।

पीड़ित का कहना है कि शिकायत को गलत श्रेणी में डालकर पूरे प्रकरण को दबाने का प्रयास किया गया, जिससे दोषियों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी। न्याय न मिलने के कारण 19 नवंबर 2025 से प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धरना जारी है, जो 7 जनवरी 2026 को 50वें दिन में प्रवेश कर चुका है।

रवि कुमार द्विवेदी ने बताया कि न्याय न मिलने के कारण 8 जनवरी 2026 को 51वें दिन भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

धरने के समर्थन में वरिष्ठ एवं कनिष्ठ अधिवक्ताओं की बड़ी संख्या उपस्थित रही, जिनमें शिव प्रसाद त्रिपाठी, सत्य नारायण ओझा, भूपेंद्र शुक्ला, रोहित शुक्ला, तालुकदार सिंह, घनश्याम पांडेय, लक्ष्मीकांत द्विवेदी, शीतला प्रसाद राय, मनोज कुमार मिश्र, रजनीकांत मिश्र, देवेंद्र ओझा, सुनील शुक्ला, अनिल कुमार सिंह सहित सैकड़ों अधिवक्ता शामिल रहे।

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