नौकरी दिलाने के नाम पर 91 लाख की ठगी, निजी कॉलेज संचालक गिरफ्तार | New India Times

अशफ़ाक़ क़ायमखानी, झूंझुनू/जयपुर (राजस्थान), NIT:

मझाऊ गांव का तीन वर्षों से फरार चल रहा वांछित आरोपी स्वार्थमल देवठिया को टोंक पुलिस ने गिरफ्तार किया है। नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में यह कार्रवाई की गई। गुढ़ागौड़जी थाना क्षेत्र के मझाऊ गांव निवासी स्वार्थमल देवठिया को पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर देवली–टोंक थाने लाया।

देवली थानाधिकारी दौलतराम गुर्जर के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने तकनीकी संसाधनों और मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपी को 3 दिसंबर को झुंझुनू जिले के गुढ़ागौड़जी थाना क्षेत्र स्थित मझाऊ गांव से उसके घर से गिरफ्तार किया। पुलिस को देखकर आरोपी खेतों की ओर भागने लगा, लेकिन कांस्टेबल दीपक ने साहस दिखाते हुए पीछा कर उसे पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान स्वार्थमल देवठिया पुत्र धुडाराम मेधवंशी (59), निवासी मझाऊ के रूप में हुई है, जो अपने गांव में एक निजी महाविद्यालय का संचालन करता है।
पुलिस के अनुसार परिवादी लोडक्या लाल रेगर, निवासी कुंचलवाड़ा रोड, देवली ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

परिवादी ने बताया कि महिंद्रा फाइनेंस कंपनी में रिकवरी कार्य के दौरान उसका संपर्क आरोपियों से हुआ। आरोपियों ने स्वयं को प्रभावशाली अधिकारी बताते हुए आरपीएससी एवं अन्य सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने का झांसा दिया।

रीट, पटवारी और एमईएस सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन कराने के नाम पर आरोपियों ने 9 युवकों से अलग-अलग समय पर करीब 91 लाख रुपये की ठगी की। जब किसी भी अभ्यर्थी का चयन नहीं हुआ और पीड़ितों ने रुपये वापस मांगे, तो आरोपी टालमटोल करते हुए फरार हो गए।

इस मामले में पुलिस पहले ही एक आरोपी प्रेमसिंह उर्फ छीतर गुर्जर को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में उसने खुलासा किया था कि ठगी की गई राशि का बड़ा हिस्सा स्वार्थमल देवठिया को दिया गया था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था।

विशेष टीम में सहायक उप निरीक्षक दिलीप सिंह, कांस्टेबल राजाराम और दीपक शामिल थे। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, ठगी की रकम और संभावित अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा सके।

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