कांग्रेस ने केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में किया धरना प्रदर्शन, सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारी कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन में लिया भाग | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

कांग्रेस ने केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में किया धरना प्रदर्शन, सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारी कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन में लिया भाग | New India Times

केंद्र की भाजपा समर्थित सरकार के फैसलों के विरोध में कांग्रेस पार्टी द्वारा 21 दिसंबर को झाबुआ में धरना प्रदर्शन किया गया। स्थानीय बस स्टैंड स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष आयोजित इस धरना प्रदर्शन में जिले भर से सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
धरना प्रदर्शन से पूर्व कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कांग्रेस ने केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में किया धरना प्रदर्शन, सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारी कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन में लिया भाग | New India Times

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना का स्वरूप बदलने के साथ-साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाकर देश के करोड़ों किसानों, मजदूरों और गरीब वर्ग के साथ अन्याय किया है।

इस अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि लगभग 20 वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने संसद में आम सहमति से मनरेगा कानून पारित किया था। यह योजना ग्रामीण गरीब, वंचित और अति गरीब परिवारों के लिए रोजगार का मजबूत आधार बनी।

इससे पलायन पर रोक लगी, रोजगार का कानूनी अधिकार मिला और ग्राम पंचायतों को सशक्त किया गया। मनरेगा के माध्यम से महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपनों को साकार करने की दिशा में ठोस कदम उठाया गया था, जिसे वर्तमान सरकार कमजोर करने पर तुली हुई है।

डॉ. विक्रांत भूरिया ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार ने मनरेगा को कमजोर करने की लगातार कोशिश की है, जबकि कोविड-19 महामारी के दौरान यह योजना गरीबों के लिए संजीवनी साबित हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के नशे में लिया गया यह निर्णय देश के करोड़ों गरीब और वंचित लोगों से उनका रोजगार छीनने जैसा है। कांग्रेस पार्टी घर से लेकर सड़क और संसद तक इस फैसले का विरोध जारी रखेगी।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रांका ने कहा कि भाजपा सरकार केवल नाम बदलने की राजनीति कर रही है, जबकि वास्तविक विकास कहीं नजर नहीं आता। मनरेगा कांग्रेस की ऐतिहासिक योजना रही है और उससे महात्मा गांधी का नाम हटाना कांग्रेस को स्वीकार नहीं है।

धरना प्रदर्शन में विधायक वीर सिंह भूरिया, पूर्व विधायक जेवियर मेडा, वाल सिंह मेडा, प्रदेश प्रवक्ता साबिर फिटवेल, रूप सिंह डामोर, नटवर डोडियार, ब्लॉक अध्यक्ष सलीम शेख, यामीन शेख, महिला कांग्रेस प्रदेश सचिव श्वेता गंगा मोहनिया, जितेंद्र सिंह राठौर सहित अनेक नेताओं ने संबोधित किया।

इस अवसर पर मानसिंह मीणा, कालू सिंह नलवाया, शीला भूरिया, सुरेश समीर, राकेश डामोर, भूरसिंह वसुनिया, थावरिया डामोर, वसीम सैयद, लोकेंद्र बिलवाल, पुनीत पडियार, सायरा बानो, शीला मकवाना, गोलू कुरैशी, गुफरान कुरैशी, बंटी डामोर, जितेंद्र शाह, प्रताप सिंह सोलंकी, करीम शेख सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

धरना प्रदर्शन का संचालन प्रदेश प्रवक्ता साबिर फिटवेल ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रकाश रांका ने किया।

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