ताप्ती नदी को प्रदूषण से मुक्ति की दिशा में ऐतिहासिक क़दम,85 करोड़ की सीवरेज योजना स्वीकृत होने पर ताप्ती सेवा समिति बुरहानपुर ने किया समाजसेवियों का सम्मान | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

ताप्ती नदी में वर्षों से शहर के गंदे नालों का पानी प्रतिदिन मिलते रहने से नदी लगातार प्रदूषित हो रही थी। इस गंभीर समस्या को लेकर ताप्ती सेवा समिति बुरहानपुर द्वारा निरंतर जनजागरूकता अभियान, धरातलीय कार्यक्रमों एवं प्रशासन तक आवाज़ पहुँचाने के प्रयास किए जाते रहे हैं। इन्हीं सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब सामने आया है।

मध्यप्रदेश शासन द्वारा 85 करोड़ रुपये की सीवरेज योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसके अंतर्गत अब शहर के गंदे नालों का पानी ताप्ती नदी में नहीं जाएगा। यह निर्णय ताप्ती नदी के संरक्षण एवं भविष्य की पीढ़ियों के लिए स्वच्छ जल सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

इस अवसर पर ताप्ती सेवा समिति की ओर से समाजसेवी श्री रामधारी मित्तल एवं हरिओम अग्रवाल जी, जो कि माँ ताप्ती से जुड़े विभिन्न सेवा कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं, निस्वार्थ भाव से नियमित माँ ताप्ती की आरती कर जनजागरूकता फैलाने वाले तपन महाराज तथा राजघाट पर सदैव तैनात नाविक सदाशिव शिंदे का शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।

समिति अध्यक्ष सरिता राजेश भगत ने जानकारी देते हुए बताया कि समिति का मुख्य उद्देश्य माँ ताप्ती को प्रदूषण-मुक्त बनाना है। इसके साथ ही ताप्ती घाटों के समग्र विकास एवं ताप्ती विकास प्राधिकरण के गठन की दिशा में भी समिति निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी नदी के संरक्षण के लिए सबसे पहला और आवश्यक कदम गंदे नालों के पानी को नदी में जाने से रोकना होता है, और शासन द्वारा इस योजना को स्वीकृति मिलना इसी दिशा में एक बड़ा पड़ाव है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय से माँ ताप्ती के प्रति सेवा भाव रखने वाले सभी नागरिकों में हर्ष और संतोष का वातावरण है।

समिति के वरिष्ठ सदस्य मंसूर सेवक ने कहा कि यह सफलता वर्षों की लगातार मेहनत, जनदबाव और विभिन्न माध्यमों से किए गए प्रयासों का परिणाम है, जिससे अंततः प्रशासन का ध्यान इस गंभीर विषय की ओर आकर्षित हुआ।

इस अवसर पर समिति सचिव धर्मेन्द्र सोनी, अताउल्ला खान, डॉ युसुफ खान, पुनीत सांकले, मोहन दलाल सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी, श्रद्धालु एवं नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने शासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे ताप्ती नदी के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक निर्णायक कदम बताया।

ताप्ती सेवा समिति ने नागरिकों से अपील की कि वे नदी को स्वच्छ रखने के लिए अपने स्तर पर भी जिम्मेदारी निभाएँ और माँ ताप्ती के संरक्षण के इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करें।