सरकारी अस्पताल की अव्यवस्था चरम पर, डॉक्टरों की लापरवाही से मरीज बेहाल | New India Times

अबरार अली, ब्यूरो चीफ, सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:

क्षेत्र के सरकारी अस्पताल में अव्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली ने एक बार फिर स्थानीय लोगों को आक्रोशित कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अस्पताल में तैनात डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अपनी ड्यूटी के प्रति गंभीर नहीं हैं, जिसकी वजह से मरीजों को बुनियादी चिकित्सा सुविधाएं भी समय पर नहीं मिल पा रही हैं।

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि अस्पताल की व्यवस्थाएं इतनी खराब हालत में हैं कि गंभीर मरीजों को भी घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। उपचार में देरी के कारण कई मरीजों की हालत बिगड़ने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

ग्रामीणों द्वारा लगाए गए मुख्य आरोप —

1. दवाओं और जांचों की कमी:
अस्पताल में बुनियादी दवाओं और जांच सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों को बाहरी मेडिकल स्टोर से महंगे दामों पर दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।

2. डॉक्टरों की अनुपस्थिति और लापरवाही:
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार डॉक्टर समय से अस्पताल में मौजूद नहीं रहते। वहीं, स्टाफ के गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण मरीजों को सही जानकारी और सुविधाएं नहीं मिल पातीं।

इस स्थिति से परेशान लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता का सबसे अधिक असर गरीब और दूर-दराज़ से आने वाले मरीजों पर पड़ रहा है। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि अस्पताल की व्यवस्था सुधारी जा सके और आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।

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