अतीश दीपंकर ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

केंद्र की एनडीए सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर चार नए लेबर कोड लागू किए जाने के खिलाफ 26 नवंबर की सुबह एनटीपीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन (इफ्टू) के मजदूरों ने काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराया और देर शाम कहलगांव एनटीपीसी गेट नंबर एक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व यूनियन के महासचिव प्रदीप दास ने किया।

उन्होंने कहा कि केंद्र की एनडीए सरकार मोदी के नेतृत्व में पूरी तरह पूंजीपतियों के पक्ष में खड़ी हो गई है, और इन्हीं के हित में मजदूरों के लिए बने 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर उनकी जगह चार लेबर कोड लागू किए गए हैं।
इनमें कार्य के घंटे 8 से बढ़ाकर 12 घंटे कर दिए गए हैं, जिससे मजदूरों के शोषण में बढ़ोतरी होगी। चारों लेबर कोड के जरिए मजदूरों के अधिकारों पर हमला किया गया है।
आज के कार्यक्रम में यूनियन के कई सदस्य—बिलास देव तांती, रामकेशर दास, महेश दास, लाल बाबू राय—सहित सैकड़ों मजदूरों ने हिस्सा लिया।

