गुरुग्राम के जीडी गोयनका स्कूल में दलित ताइक्वांडो कोच से जातिसूचक गालियां; प्रिंसिपल समेत 5 पर मुकदमा, स्कूल प्रशासन फरार | New India Times

फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:

गुरुग्राम के जीडी गोयनका स्कूल में दलित ताइक्वांडो कोच से जातिसूचक गालियां; प्रिंसिपल समेत 5 पर मुकदमा, स्कूल प्रशासन फरार | New India Times

मिलेनियम सिटी से जातिवाद का एक शर्मनाक मामला सामने आया है। सेक्टर-10A स्थित जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में ताइक्वांडो कोच के पद पर कार्यरत दलित युवक आकाश कदम ने स्कूल प्रशासन पर जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने और भेदभाव का आरोप लगाया है।

गुरुग्राम के जीडी गोयनका स्कूल में दलित ताइक्वांडो कोच से जातिसूचक गालियां; प्रिंसिपल समेत 5 पर मुकदमा, स्कूल प्रशासन फरार | New India Times

मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़ तथा जिला एवं सत्र न्यायालय गुरुग्राम की वकील निशा तंवर एडवोकेट के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने स्कूल प्रिंसिपल रानी राज सहित पाँच लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।

पीड़ित का कहना है कि पुलिस ने उसकी शिकायत को एक महीने तक लटकाए रखा, जिसके बाद उसने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई। वहीं, FIR दर्ज हुए दो सप्ताह बीत जाने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलते ही पूरा स्कूल प्रशासन फरार बताया जा रहा है। प्रिंसिपल रानी राज सहित सभी आरोपी स्कूल में दिखाई नहीं दे रहे। पुलिस के अनुसार खुफिया रिपोर्ट में पता चला है कि आरोपी गिरफ्तारी के डर से भूमिगत हो गए हैं।

पीड़ित आकाश कदम ने अपनी शिकायत में बताया कि प्रिंसिपल रानी राज, अकाउंटेंट रितेश जैन, हरिओम, अधीर मुखर्जी और अदिति घोष ने उन्हें जातिसूचक गालियां देकर अपमानित किया। इसके अलावा मानसिक उत्पीड़न, इस्तीफा देने के लिए मजबूर करना, आत्महत्या के लिए उकसाना और सैलरी रोकने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।

काफी प्रयासों के बाद 12 नवंबर को सेक्टर-10A थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 3(5) और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(R) व 3(1)(S) के तहत FIR दर्ज की गई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।

वकील निशा तंवर ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में ग्रीवेंस दर्ज करते हुए मांग की है कि—

सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए

पीड़ित को उचित मुआवजा और बकाया वेतन दिया जाए

उसकी नौकरी वापस दिलाई जाए

स्कूल की मान्यता रद्द की जाए

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच अधिकारी, SHO और ACP ने एससी/एसटी एक्ट की धारा 18A का उल्लंघन किया है, जिसके तहत शिकायत मिलते ही तुरंत FIR दर्ज करना अनिवार्य है। इसके पालन न होने पर अधिकारियों पर धारा 4 के तहत विभागीय और आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।

यह मामला गुरुग्राम जैसे आधुनिक शहर में जातिवाद की गहरी जड़ों को उजागर करता है। पुलिस की धीमी कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। स्कूल प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

सेक्टर-10A थाना प्रभारी इंस्पेक्टर योगेश ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।

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