मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल जहाँ पंचायत राज में पारदर्शिता लाने तथा भ्रष्टाचार रोकने के लिए बिल, भुगतान और कार्यों को ऑनलाइन कराने पर ज़ोर दे रहे हैं, वहीं ज़मीनी स्तर पर स्थिति उसके बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है।

अमरपाटन विधानसभा क्षेत्र की पपरा पंचायत में भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों को छुपाने के लिए पंचायत पोर्टल पर अपठनीय (Unreadable) बिल अपलोड किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, 15 अगस्त 2025 के ध्वजारोहण कार्यक्रम के नाम पर 10 हज़ार रुपये का मीठा व अन्य सामग्री ख़रीदी दिखाकर धांधली की गई। इसके अलावा भी कई मदों में अनियमितताएँ पाई गई हैं।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि—
घनश्याम बाबा के नाम पर चबूतरा निर्माण,
पतरहा नाला के पास चबूतरा निर्माण,
उप-स्वास्थ्य केंद्र के पास चबूतरा निर्माण
इन सभी कार्यों के लिए सरकारी राशि निकाल ली गई, लेकिन वास्तविक निर्माण कराया ही नहीं गया।

पंचायत के सरपंच और सचिव द्वारा मिलकर की गई इस कथित बंदरबांट को छुपाने के लिए अपठनीय बिलों का सहारा लिया गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि इन्हें मुख्यमंत्री, पंचायत मंत्री, कलेक्टर मैहर, जिला मुख्य कार्यपालन अधिकारी सतना और आयुक्त रीवा—किसी का भी डर नहीं है।

अब देखना यह है कि समाचार प्रकाशित होने के बाद संबंधित अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं या फिर यह मामला भी अपठनीय बिलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

